Bihar Politics: बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस खत्म करने के लिए बीजेपी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक (सेंट्रल ऑब्जर्वर) नियुक्त किया है. बीजेपी संसदीय बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान आज या कल में कभी भी पटना पहुंच सकते हैं, जहां उनकी देखरेख में पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा. इस नियुक्ति के साथ ही यह साफ हो गया है कि अब तक सीएम पद को लेकर चल रहे तमाम कयासों पर विराम लग गया है और असली चयन की प्रक्रिया अब शुरू होगी.
15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण, रेस में कई नाम
बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं. फिलहाल मुख्यमंत्री की रेस में बिहार बीजेपी नेता सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, हालांकि आलाकमान की ओर से किसी भी नाम पर मुहर नहीं लगी है. जेडीयू नेता विजय चौधरी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नेता का चुनाव करना पूरी तरह से बीजेपी का आंतरिक मामला है. माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान विधायकों के साथ बैठक कर दिल्ली की पसंद और स्थानीय समीकरणों के बीच तालमेल बैठाने का प्रयास करेंगे.
नीतीश के इस्तीफे के बाद नए समीकरणों की तैयारी
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और राज्यसभा जाने की खबरों के बीच बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. मंत्रियों के नामों और विभागों के बंटवारे को लेकर भी मंथन जारी है. इसी बीच नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टरों ने भी हलचल पैदा कर दी है. शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक से न केवल नए मुख्यमंत्री का चेहरा साफ होगा, बल्कि बिहार में एनडीए के भविष्य की राजनीति की दिशा भी तय हो जाएगी.