Pakur News: पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा स्थित बालक मध्य विद्यालय के शिक्षक मो. अब्दुल हन्नान को सरकारी सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है. जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) के अनुसार, शिक्षक पिछले पांच वर्षों से बिना किसी वैध अनुमति के लगातार स्कूल से अनुपस्थित चल रहे थे. बार-बार चेतावनी और विभागीय निर्देशों के बावजूद उन्होंने ड्यूटी पर लौटने का कोई प्रयास नहीं किया. इस लंबी अनुपस्थिति के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और बच्चों का भविष्य संकट में पड़ गया था.
वित्तीय अनियमितता और मनमानी के गंभीर आरोप
शिक्षक पर केवल अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि सरकारी राशि के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप थे. विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने न केवल अपनी कार्यशैली में मनमानी की, बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को भी बाधित किया. जिला शिक्षा स्थापना समिति ने अपनी समीक्षा में शिक्षक के विरुद्ध लगे सभी आरोपों को प्रमाणित और सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना है. यह कार्रवाई झारखंड सेवा संहिता के कड़े नियमों के तहत पूर्णतः विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए की गई है.
असंतोषजनक जवाब के बाद समिति का फैसला
बर्खास्तगी से पूर्व विभाग ने शिक्षक को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया था. 10 जनवरी 2026 को शिक्षक द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण का गहन परीक्षण किया गया, लेकिन उसे पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया. 24 मार्च 2026 को आयोजित जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि ऐसे लापरवाह कर्मी को सेवा में बनाए रखना जनहित और शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है. इसके बाद बर्खास्तगी की आधिकारिक मुहर लगा दी गई.
शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय करने का संदेश
इस सख्त कार्रवाई ने पाकुड़ सहित पूरे राज्य के शिक्षा महकमे में हलचल तेज कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला उन शिक्षकों के लिए एक कड़ा संदेश है जो पद का दुरुपयोग करते हैं और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह रहते हैं. विभाग अब ऐसे अन्य मामलों की भी पहचान कर रहा है जहाँ शिक्षक लंबे समय से गायब रहकर सरकारी खजाने पर बोझ बने हुए हैं. प्रशासन का लक्ष्य स्कूलों में शैक्षणिक शून्यता को खत्म कर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है.