Jharkhand News: रामगढ़ के पतरातू में जियाडा (JIADA) की जमीन खाली कराने पहुंची प्रशासनिक टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व विधायक शंकर चौधरी विस्थापितों के समर्थन में बुलडोजर के सामने धरने पर बैठ गए, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा। लगभग दो घंटे के हंगामे के बाद मजिस्ट्रेट ने यशवंत सिन्हा और उनके सैकड़ों समर्थकों को हिरासत में लेकर पतरातू थाना भेज दिया। सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे बेल (जमानत) नहीं लेंगे और लोगों के हक के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, पीढ़ियों से रह रहे लोग बेघर
प्रशासन की यह कार्रवाई झारखंड हाई कोर्ट के उस फैसले के बाद हुई है, जिसमें जमीन को जियाडा के पक्ष में बताते हुए खाली कराने का आदेश दिया गया था। पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (PTPS) की इस जमीन पर लोग दो-तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से जर्जर भवनों और अवैध कब्जों को ध्वस्त करना शुरू किया, जिसका महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने सड़क जाम कर कड़ा विरोध किया। विस्थापितों की मांग है कि बीएसएल (BSL) और एचईसी (HEC) की तर्ज पर उन्हें भी क्वार्टर लीज पर दिए जाएं या हटाने से पहले पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए।
भारी पुलिस बल की तैनाती, छावनी में तब्दील हुआ इलाका
हालात को बेकाबू होते देख प्रशासन ने कई थानों की पुलिस फोर्स और दंडाधिकारियों को मौके पर तैनात कर दिया है। मजिस्ट्रेट मनोज कुमार चौरसिया ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा है और लोगों को पूर्व में ही घर खाली करने का पर्याप्त समय दिया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। फिलहाल हेसला, उचरिंगा और कटिया मौजा में अतिक्रमण हटाने का काम जारी है, लेकिन राजनीतिक हस्तियों की संलिप्त