Air India CEO: Air India में नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव सामने आया है. टाटा समूह के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, कंपनी में स्थिरता बनाए रखने के लिए वह नए CEO की नियुक्ति तक अपने पद पर बने रहेंगे.
इस्तीफा मंजूर, सितंबर 2026 तक या नए CEO के आने तक पद पर बने रहेंगे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. उनका कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था और उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह आगे इस जिम्मेदारी को जारी नहीं रखेंगे. एयरलाइन ने किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा से बचने के लिए यह तय किया है कि वह सितंबर 2026 तक या नए CEO के चयन तक पद संभालते रहेंगे.
नए CEO की तलाश अंतिम चरण में, कई दिग्गज रेस में शामिल
एयर इंडिया ने नए CEO की तलाश पहले ही शुरू कर दी थी, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. इस पद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी एविएशन प्रोफेशनल्स और फुल-सर्विस एयरलाइंस से जुड़े वरिष्ठ नामों पर विचार किया जा रहा है. संभावना है कि आने वाले दिनों में होने वाली अहम बैठक में नए CEO के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है. हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक किसी उम्मीदवार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
बढ़ती लागत और ऑपरेशनल दबाव, 20,000 करोड़ तक पहुंच सकता है घाटा
इस बीच एयर इंडिया कई परिचालन और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है. बढ़ती लागत और ऑपरेशनल बाधाओं के कारण वित्तीय वर्ष 2026 में एयरलाइन का घाटा करीब 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और एयरस्पेस प्रतिबंधों का भी सीधा असर उड़ानों पर पड़ा है. लंबी दूरी की उड़ानों के लिए अब विमानों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं, जिससे लागत और बढ़ रही है.
AI-171 विमान हादसे की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकता है अंतिम फैसला
नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पर जून 2025 में हुए AI -171 विमान हादसे का भी असर माना जा रहा है. अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए इस बोइंग ड्रीमलाइनर में 241 लोगों की जान गई थी. विशेषज्ञों का मानना है कि नए CEO की नियुक्ति का समय इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट से भी प्रभावित हो सकता है, जो जून 2026 तक आने की संभावना है.
एयर इंडिया के लिए यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब कंपनी एक साथ कई चुनौतियों से जूझ रही है. नए CEO की नियुक्ति एयरलाइन के भविष्य और रणनीतिक दिशा को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी.