Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा बैकलॉग नियुक्ति के विज्ञापनों में उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट निर्धारित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और जेपीएससी को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की है.
अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ डेट में बदलाव की उठाई मांग
यह पूरा मामला जेपीएससी के बैकलॉग नियुक्ति विज्ञापन संख्या 5/2026 और 6/2026 से जुड़ा है. आयोग ने विज्ञापन 5/2026 के लिए उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट 1 अगस्त 2022 और विज्ञापन 6/2026 के लिए 1 अगस्त 2017 निर्धारित की है. आयोग के इस फैसले से नाराज अभ्यर्थी नीरज भगत, श्वेता कुमारी और अन्य कई उम्मीदवारों ने परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाने के कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
वकीलों की दलील: कई योग्य उम्मीदवार परीक्षा से हो जाएंगे वंचित
अदालत में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता कुमार हर्ष, अमृतांश वत्स और शुभम मिश्रा ने पुरजोर बहस की. उन्होंने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि जेपीएससी द्वारा बैकलॉग नियुक्ति के लिए जो उम्र सीमा निर्धारित की गई है, वह पूरी तरह अतार्किक है और इससे राज्य के कई योग्य व जरूरतमंद अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में बैठने से वंचित रह जाएंगे. अभ्यर्थियों ने अदालत से गुहार लगाई है कि न्याय के हित में इस कट-ऑफ डेट में तत्काल बदलाव किया जाना चाहिए.