BREAKING: जमशेदपुर कोर्ट की एडीजे-4 मंजू कुमारी की अदालत ने सोनारी थाना क्षेत्र के एक पुराने मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी विकास सिंह उर्फ हेते को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है. अदालत ने हेते के साथ-साथ इस मामले के अन्य सह-आरोपियों राजू पासवान, सतीश पासवान, सौरभ गोप और शिवदीप को भी दोषमुक्त करार दिया है. इस फैसले के मद्देनजर मुख्य आरोपी हेते को साहिबगंज जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच जमशेदपुर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए सभी को क्लीन चिट दे दी.
2013 में मुन्ना गौड़ ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
यह पूरा मामला साल 2013 का है, जब सोनारी थाने में मुन्ना गौड़ नाम के व्यक्ति ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. मुन्ना ने आरोप लगाया था कि हेते और उसके साथियों ने मिलकर उसके साथ गंभीर मारपीट की थी.
13 साल तक चली कानूनी लड़ाई, गवाह न होने से गिरे आरोप
यह कानूनी मुकदमा जमशेदपुर की अदालत में पिछले 13 वर्षों तक लगातार चलता रहा. लंबे समय तक चली इस अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष (Prosecution) आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में कोई भी ठोस गवाह या सबूत पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा. मुकदमे में किसी भी चश्मदीद गवाह के सामने नहीं आने और आरोपों की पुष्टि न होने के कारण माननीय अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश जारी कर दिया.