Seraikela News: सरायकेला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत न्यू बाईपास रोड पिछले पांच दिनों से महाजाम की गवाही दे रहा है. NH-32 पर रांची, टाटा, पुरुलिया, धनबाद और बोकारो रूट की गाड़ियों का पहिया पूरी तरह थम गया है. इस भीषण जाम में यात्री बसों से लेकर मालवाहक ट्रक बेबस खड़े हैं और ड्राइवरों को "नो-मैन लैंड" जैसी स्थिति में 12-12 घंटे गुजारने पड़ रहे हैं.
सड़क पर घंटों कैद रहने की वजह से ड्राइवरों के सामने अब पेट भरने का संकट खड़ा हो गया है. भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी की किल्लत और खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता ने उनकी मुसीबत दोगुनी कर दी है. हाईवे किनारे ही चूल्हा फूंक रहे ड्राइवरों के साथ-साथ जरूरी काम से निकले आम मुसाफिर भी इस अव्यवस्था की सजा भुगत रहे हैं.
इस पूरे संकट की जड़ चांडिल स्टेशन से महज आधा किलोमीटर दूर स्थित पितकी रेलवे गेट है, जो ट्रेनों की आवाजाही के कारण बार-बार बंद होता है. रही-सही कसर वर्षों से अधर में लटके ओवरब्रिज के निर्माण कार्य ने पूरी कर दी है. कछुआ गति से चल रहा यह अधूरा प्रोजेक्ट अब इस रूट पर चलने वाले हर शख्स के लिए रोजाना का सिरदर्द बन चुका है.
रोज-रोज के इस टॉर्चर से तंग आ चुके स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है. प्रशासन की चुप्पी से नाराज लोगों ने चेतावनी भरे लहजे में त्वरित समाधान और सुगम यातायात व्यवस्था की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर ओवरब्रिज निर्माण में तेजी नहीं लाई गई तो स्थिति हाथ से निकल सकती है.