Adityapur News: आदित्यपुर नगर निगम की घोर लापरवाही और सुस्त कार्यशैली के कारण स्थानीय नगरवासियों को आए दिन भारी मुसीबतों और खतरों का सामना करना पड़ रहा है. नगर निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन मेयर और पार्षदों ने जनता से चमचमाती सड़कों और बेहतरीन नागरिक सुविधाओं के जो बड़े-बड़े लोकलुभावन चुनावी वादे किए थे, वे आज तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं. निगम प्रशासन की इस अकर्मण्यता के कारण पूरा क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है और जनप्रतिनिधियों के दावों की पोल खुल चुकी है.
एस-टाइप चौक के पास बीच सड़क पर पेड़ की डालियां, राहगीर परेशान
लापरवाही की ताजा और सबसे खतरनाक तस्वीर व्यस्ततम आदित्यपुर-कांड्रा मुख्य मार्ग पर देखने को मिल रही है. यहां एस टाइप चौक के समीप बीचों-बीच सड़क पर बड़े नीम के पेड़ की मोटी-मोटी हरी टहनियां और डालियां काटकर फेंक दी गई हैं. इस व्यस्त मार्ग पर इन डालियों के पड़े होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रात के अंधेरे में इन टहनियों के न दिखने के कारण यहां कभी भी कोई बड़ी और जानलेवा सड़क दुर्घटना घट सकती है.
पूरे शहर में कचरे का अंबार, जिले के उपायुक्त भी साधे हैं चुप्पी
यह बदहाल स्थिति सिर्फ एस टाइप चौक की ही नहीं है, बल्कि नगर निगम क्षेत्र के लगभग सभी वार्डों का यही हाल है. शहर के हर कोने और मोहल्लों में खुले में ही कचरे का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे महामारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नगर निगम की इस मनमानी और जनता की सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील मामले पर जिले के उपायुक्त (DC) ने भी पूरी तरह चुप्पी साध रखी है, जिससे आम जनता खुद को ठगा और बेबस महसूस कर रही है.
व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में हादसों को न्योता दे रहा है प्रशासन
आदित्यपुर एक बेहद व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) है, जहां की सड़कों पर दिन-रात भारी वाहनों और आम राहगीरों का जबरदस्त दबाव रहता है. ऐसे में मुख्य सड़क पर पेड़ की टहनियों का पड़ा होना सीधे तौर पर किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देना है. जन सुविधाओं और नागरिकों की जान के प्रति प्रशासनिक अमले की यह सुस्ती और उदासीनता न केवल सरकार के विकास के खोखले दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रही है, बल्कि हर पल आम नागरिकों की सुरक्षा को भी दांव पर लगा रही है.