Giridih News: गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत लोकाय थाना क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथियों की मौजूदगी से पूरे इलाके में दहशत और खौफ का माहौल है. गुरुवार को स्थानीय ग्रामीणों ने नयनपुर-डेलिया के जंगल में दो जंगली हाथियों को देखा और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर आसपास के लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी. तस्वीरों में हाथियों को साफ देखा जा सकता है, जिनकी संख्या दो बताई जा रही है. वन विभाग का मानना है कि ये दोनों हाथी अपने मुख्य झुंड से रास्ता भटक कर बिछड़ गए हैं और भोजन-पानी की तलाश में इस इलाके में दाखिल हुए हैं.
वन विभाग और पुलिस की टीम कर रही है निगरानी
जंगल में हाथियों के मूवमेंट की खबर मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम और लोकाय के थाना प्रभारी अमित कुमार दलबल के साथ प्रभावित गांव में पहुंचे. प्रशासन और वन कर्मियों की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है ताकि वे रिहायशी इलाकों की तरफ रुख न करें. तिसरी के वनपाल अभिमित राज ने ग्रामीणों से हाथियों को तंग न करने और सेल्फी लेने या उनके करीब जाने का दुस्साहस न करने की अपील की है.
इलाके में पहले भी महिला को घायल कर मचाया था उत्पात
गौरतलब है कि लोकाय और तिसरी प्रखंड में जंगली हाथियों का उत्पात नया नहीं है. कुछ ही दिन पहले लोकाय से सटे तिसरी थाना क्षेत्र के धोवापाट-लक्ष्मनिया गांव में हाथियों ने धमक दी थी, जहां एक जंगली हाथी ने एक ग्रामीण महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था. इसके ठीक अगले दिन तिसरी के ही हेठलीकन्हाय इलाके में स्थित एक सरकारी विद्यालय में भी हाथियों द्वारा घुसकर तोड़फोड़ करने और भारी उत्पात मचाने का मामला सामने आया था. पुरानी घटनाओं को याद कर ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं.
वनपाल की अपील- शाम के बाद घरों में रहें ग्रामीण
हाथियों के लगातार हिंसक रुख को देखते हुए वनपाल ने ग्रामीणों को कड़े निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे मवेशी चराने या लकड़ी चुनने के लिए भूलकर भी जंगल की तरफ न जाएं. ग्रामीणों को शाम ढलने के बाद अपने-अपने घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की हिदायत दी गई है. वन विभाग की टीम हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस घने जंगलों की ओर खदेड़ने के लिए कपाली या मशाल जलाने की रणनीति पर काम कर रही है.