Palamu: पलामू जिले में अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नावाजयपुर थाना क्षेत्र के बिंदा बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में चल रहे एक संदिग्ध क्लिनिक को सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर सील कर दिया गया। यह कार्रवाई उपायुक्त समीरा एस. के निर्देश पर की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम शामिल रही।
5 घंटे चली सघन जांच, चौंकाने वाले खुलासे
प्रशासनिक टीम ने करीब पांच घंटे तक क्लिनिक में गहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान अंदर अस्थायी ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष का खुलासा हुआ, जहां अवैध रूप से सर्जरी और डिलीवरी कराई जा रही थी। इसके अलावा कई प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद हुईं, जिनका इस्तेमाल बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा था।
बिना डिग्री के चल रहा था इलाज
जांच में सामने आया कि इस क्लिनिक का संचालन पंडवा निवासी सेवक मेहता कर रहा था, जिसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। इसके बावजूद वह लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रहा था और गंभीर मामलों में ऑपरेशन तक कर देता था, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ है।
नाम बदलकर किया जा रहा था भ्रमित
क्लिनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम, जयपुर आयुर्वेद संस्थान” का बोर्ड लगा हुआ था, जिससे लोगों को गुमराह किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान एलोपैथिक दवाओं का बड़ा स्टॉक और ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद हुई, जो नियमों के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करती हैं।
कर्मियों ने भी कबूली सच्चाई
मौके पर मौजूद दो कर्मियों ने भी स्वीकार किया कि संचालक ने कभी मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है। इसके बाद अधिकारियों ने क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
इस कार्रवाई में पाटन बीडीओ सह सीओ डॉ. अमित कुमार झा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार आजाद और नावाजयपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मेहता सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले में ऐसे अवैध क्लिनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के गैरकानूनी चिकित्सा केंद्र गरीब और अनजान मरीजों की जान को गंभीर खतरे में डालते हैं, इसलिए इन पर सख्ती बेहद जरूरी है।