Jharkhand News: राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सरकार ने अधिप्राप्ति की समय सीमा बढ़ा दी है. अब किसानों से धान की खरीद 30 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिससे उन पंजीकृत किसानों को राहत मिलेगी जो अब तक अपना अनाज नहीं बेच सके हैं.
धीमी प्रक्रिया, गोदामों में सीमित जगह और भुगतान में देरी
राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 से धान खरीद अभियान शुरू करते हुए 750 से अधिक केंद्र स्थापित किए थे और 60 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा था. इसके लिए मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन धीमी प्रक्रिया, गोदामों में सीमित जगह और भुगतान में देरी के कारण लक्ष्य हासिल नहीं हो सका.
कई केंद्र शुरुआती दिनों में ही भर गए
सूत्रों के अनुसार, कई केंद्र शुरुआती दिनों में ही भर गए थे, जिसके बाद लंबे समय तक धान का उठाव नहीं हो पाया. इसके चलते किसान मैसेज का इंतजार करते रहे और कई को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ी.
सरायकेला-खरसावां की स्थिति चिंताजनक
सरायकेला-खरसावां जिले में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही. यहां 27 केंद्रों के माध्यम से 9177 किसानों से 2.5 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब तक लक्ष्य से काफी पीछे हैं. राजनगर प्रखंड के गोविंदपुर, जोनबनी, जुमाल और जामबानी केंद्रों में भी शुरुआती दौर में ही भंडारण क्षमता पूरी हो गई, जिससे खरीद प्रभावित हुई.
धान खरीद व्यवस्था में बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि बिचौलिए किसानों से कम कीमत पर धान खरीदकर फर्जी या सेट आईडी के जरिए उसे एमएसपी पर बेच रहे हैं. भुगतान मिलने के बाद वे किसानों को कम राशि देकर बाकी पैसा खुद रख लेते हैं. किसानों ने प्रशासन से पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई करने और वास्तविक किसानों को प्राथमिकता देने की मांग की है.