Tata Steel Investment: टाटा स्टील के सीईओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कंपनी की विस्तार योजनाओं को जारी रखने की घोषणा की है. जेसीएपीसीपीएल वर्कर्स यूनियन की दसवीं वर्षगांठ समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए सफल रहा और जमशेदपुर प्लांट ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए कंपनी नए वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 15 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रही है. एमडी ने स्पष्ट किया कि जमशेदपुर प्लांट की 1800 एकड़ की भौगोलिक सीमा के कारण यहां 11 मिलियन टन से अधिक उत्पादन संभव नहीं है, इसलिए अब कंपनी डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स जैसे कांबी मिल और टिनप्लेट पर पूरा फोकस कर रही है.
प्रोपेन गैस का गहराया गंभीर संकट
वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का सीधा और प्रतिकूल असर शहर के औद्योगिक संस्थानों और टाटा स्टील की उत्पादन लागत पर दिखने लगा है. एमडी के अनुसार, इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन बाधित होने से टिनप्लेट कंपनी के समक्ष प्रोपेन गैस का गंभीर संकट खड़ा हो गया है और फिलहाल कंपनी के पास सिर्फ दो दिन का स्टॉक बचा है. कंपनी अभी स्थानीय स्तर पर मिलने वाले टैंकरों से जैसे-तैसे काम चला रही है, लेकिन युद्ध लंबा खींचने पर यह संकट और गहरा सकता है.
माल ढुलाई और बीमा लागत में उछाल
युद्ध की तपिश के कारण समुद्री मार्गों में जोखिम बढ़ने से टाटा स्टील द्वारा आयात किए जाने वाले कोयला और चूना पत्थर जैसे कच्चे माल की माल ढुलाई बीमा लागत में 7 से 10 डॉलर का भारी उछाल आया है. इसका सीधा और नकारात्मक असर कंपनी के मुनाफे और कुल परिचालन लागत पर पड़ रहा है. यही नहीं, युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और कॉमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगने से कंपनी की कैंटीन व्यवस्था तक प्रभावित हुई है.
मजबूती से संकट से उबरने की तैयारी
कंपनी प्रबंधन ने इस पूरे गंभीर संकट और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों से केंद्र सरकार को पूरी तरह अवगत करा दिया है, हालांकि एमडी ने माना कि बाहरी वैश्विक घटनाक्रमों पर किसी का सीधा नियंत्रण संभव नहीं है. इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और खाड़ी संकट के आर्थिक बोझ के बावजूद, कंपनी अपनी रणनीतिक दूरदर्शिता, लुधियाना में चालू हुए नए आर्क फर्नेस और कलिंगनगर में की गई नई सुविधाओं के विस्तार के दम पर इस वैश्विक मंदी से मजबूती से उबरने की तैयारी में है.