Ranchi Municipal Corporation: झारखंड की राजधानी रांची नगर निगम ने शहरी वित्तीय प्रबंधन और राजस्व सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के संग्रह में अभूतपूर्व उछाल दर्ज करते हुए वर्ष 2013 के महज 5 करोड़ रुपये के आंकड़े से लंबी छलांग लगाकर वर्ष 2026 में 101.99 करोड़ रुपये का जादुई और ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है. यह शानदार कामयाबी सुनियोजित प्रशासनिक सुधारों, कड़े तकनीकी नवाचारों, प्रभावी डिजिटल मॉनिटरिंग और जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता का सीधा परिणाम है. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में रिकॉर्ड तोड़ वसूली हुई और सिर्फ मंगलवार को ही निगम के खजाने में 1,59,48,283 रुपये का भारी-भरकम टैक्स जमा हुआ.
नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 महीनों से चल रहा था विशेष अभियान
राजस्व वसूली के इस विशालकाय टारगेट को पूरा करने के लिए नगर आयुक्त सुशांत गौरव खुद फ्रंट फुट पर रहकर कमान संभाल रहे थे. पिछले 6 महीनों से शहर भर में चले महा-अभियान के दौरान हर बड़ी कार्रवाई के मौके पर वे खुद फील्ड में मौजूद रहे. इस वर्ष शहरवासियों ने भी रिकॉर्ड स्तर पर डिजिटलीकरण का लाभ उठाते हुए लगभग 23 करोड़ रुपये का भारी भरकम टैक्स घर बैठे ऑनलाइन माध्यमों से जमा किया. नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरी निगम टीम, टैक्स कलेक्शन एजेंसी और जागरूक राजधानीवासियों के सामूहिक प्रयास का मीठा फल है. उन्होंने यह भी साफ किया कि आने वाले समय में जीआईएस आधारित मैपिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा ताकि इस राजस्व व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके.
6 सालों में दोगुनी से ज्यादा हुई कमाई, आंकड़ों की जुबानी नगर निगम की कहानी
यदि हम पिछले 6 वर्षों में रांची नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि निगम ने अपनी आय में कितनी तेजी से वृद्धि की है. वर्ष 2020-21 में निगम को 51.35 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 58.03 करोड़ रुपये हो गए. इसके बाद लगातार वृद्धि दर्ज करते हुए वर्ष 2022-23 में 67.78 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 69.71 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 83.57 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा. आखिरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने 101.99 करोड़ रुपये की वसूली कर अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है.
टैक्स चोरी रोकने के लिए नगर आयुक्त ने जमीन पर उठाए ये बड़े कदम
शहर के सभी 53 वार्डों में डोर-टू-डोर सर्वे कर लाखों अज्ञात और छूटे हुए होल्डिंग्स की पहचान की गई, जिससे संपत्तियों की संख्या 1 लाख से बढ़कर सीधे 2.5 लाख के पार पहुंच गई. प्रत्येक वार्ड के लिए स्पष्ट राजस्व लक्ष्य तय किए गए थे और कम प्रदर्शन वाले इलाकों पर विशेष फोकस कर फील्ड टीमों से रोजाना प्रगति की समीक्षा की गई. “प्रॉपर्टी टैक्स मैनेजमेंट सिस्टम” के माध्यम से रियल टाइम डेटा ट्रैकिंग की गई और डिजिटल पेमेंट को तेजी से बढ़ावा दिया गया. शहर के बड़े बकायेदारों की लिस्ट तैयार कर उनके खिलाफ विशेष कुर्की, जब्ती और भारी भरकम जुर्माना लगाने जैसे कड़े प्रवर्तन उपाय अपनाए गए. विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित किया गया और फील्ड स्टाफ की सक्रिय भागीदारी से कर संग्रहण दक्षता अब बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
इस रिकॉर्ड तोड़ कमाई का सीधा फायदा अब रांची के आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं जैसे- वर्ल्ड क्लास सफाई व्यवस्था, नियमित जलापूर्ति, चमचमाती स्ट्रीट लाइट्स और मजबूत सड़कों के रूप में धरातल पर देखने को मिलेगा.