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  • 2026-03-31

Seraikela News: सरायकेला में होमगार्ड ऑफिस का विरोध, पोडाडीहा में भड़के ग्रामीण, कहा- गोचर भूमि छिनी तो पशुओं को कहां चराएंगे

Seraikela News: सरायकेला अंचल क्षेत्र के पोडाडीहा मौजा में प्रस्तावित गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) कार्यालय के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. मंगलवार को ग्राम प्रधान गांधी सोरेन की अध्यक्षता में बुलाई गई एक आपातकालीन आमसभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की. ग्रामीणों ने दो-टूक शब्दों में कहा कि वे अपनी पुश्तैनी चरागाह की जमीन पर किसी भी कीमत पर सरकारी दफ्तर का निर्माण नहीं होने देंगे और इसके लिए वे हर स्तर पर आंदोलन करने को तैयार हैं.

आईटीआई के बाद अब बची-खुची 3 एकड़ गोचर भूमि पर भी सरकार की नजर
आमसभा में मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों और बुजुर्गों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि गांव के पास मवेशियों को चराने के लिए गोचर भूमि की पहले से ही भारी किल्लत मची हुई है. कुछ साल पहले ही इसी सरकारी जमीन के एक बड़े हिस्से पर महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) बनाने के नाम पर करीब एक एकड़ की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था. अब प्रशासन की नजर गांव की बची-खुची लगभग तीन एकड़ चरागाह भूमि पर टिकी है, जिसे गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय के लिए हड़पने की कागजी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से शुरू कर दी गई है.

पशुपालन पर गहराया संकट, ग्रामीणों ने आजीविका छिनने की जताई आशंका
ग्रामीणों का साफ कहना है कि पोडाडीहा और आसपास के गांवों के सैंकड़ों मवेशियों के पेट भरने के लिए यही तीन एकड़ जमीन एकमात्र सहारा बची है. अगर इस आखिरी चरागाह पर भी कंक्रीट का जंगल खड़ा कर दिया गया, तो ग्रामीण अपने गाय-बैलों को कहां लेकर जाएंगे? गांव की एक बड़ी आबादी आज भी पूरी तरह से खेती-बारी और पशुपालन पर ही टिकी हुई है. ऐसे में गोचर भूमि छिन जाने से ग्रामीणों के सामने रोजी-रोटी और पशुओं को जिंदा रखने का एक बहुत बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो जाएगा.

प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी, वैकल्पिक जमीन तलाशने की मांग
इस कड़े विरोध के बीच आमसभा में शामिल तमाम पुरुषों और महिलाओं ने जिला प्रशासन को खुलेआम चेतावनी दी है कि यदि उनकी पुकार को अनसुना किया गया, तो वे अपने हक और मवेशियों की जान के लिए उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे. ग्रामीणों ने उपायुक्त (DC) और अंचल अधिकारी (CO) से बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए अपील की है कि वे इस सरकारी कार्यालय के निर्माण के लिए गांव के बाहर किसी अन्य बंजर या खाली पड़ी वैकल्पिक भूमि को चिन्हित करें और इस योजना को वहां तुरंत स्थानांतरित करें.
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