Gamharia News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत निर्मल पथ (रोड संख्या 6) में एक नवविवाहिता की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई मौत का संजीदा मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. वारदात को गुजरे 27 दिन का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतका के मायके वालों का सब्र का बांध टूट गया. मंगलवार को भारी संख्या में आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय महिला समिति के सदस्यों को साथ लेकर गम्हरिया थाने का जोरदार घेराव किया और पुलिसिया तफ्तीश पर कोताही बरतने के गंभीर आरोप लगाए.
पिता ने लगाया दामाद और सास-ससुर पर सुनियोजित हत्या का संगीन आरोप
इस पूरे दर्दनाक मामले की जड़ें पिछले महीने से जुड़ी हुई हैं, जब मृतका के लाचार पिता मंतोष गोराई ने 3 मार्च 2026 को गम्हरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने अपनी तहरीर में दामाद आशीष गोराई, समधी सुभाष गोराई और समधन सुप्रिया गोराई के खिलाफ एक राय होकर साजिश के तहत बेटी की हत्या करने का सीधा आरोप मढ़ा था. पिता का स्पष्ट कहना है कि उनकी बेटी ने खुदकुशी नहीं की है, बल्कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को फंदे से लटका कर इसे आत्महत्या का रूप देने का शातिर प्रयास किया था.
एक महीना बीतने को आया, पर मुख्य आरोपी अब भी सलाखों से बाहर
थाने के बाहर कड़ा विरोध प्रदर्शन कर रहे परिजनों और महिला जांबाज ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि घटना को अंजाम दिए हुए करीब एक माह का समय पूरा होने को है, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं. प्रदर्शनकारियों ने दबी जुबान में आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस रसूखदार आरोपियों को बचाने के लिए मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश कर रही है. आरोपियों की खुलेआम फरारी पुलिस की कार्यशैली पर कई तरह के गंभीर और अनसुलझे सवाल खड़े कर रही है.
सड़क पर उतरने की दी चेतावनी, एसपी से गुहार लगाने की तैयारी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने गम्हरिया पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अविलंब सभी नामजद हत्यारोपियों को बेड़ियों में नहीं जकड़ा गया, तो वे इस नाइंसाफी की लिखित शिकायत सीधे जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से करेंगे. न्याय की आस में भटक रहे मायके वालों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी जायज मांग को अनसुना किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए विवश होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी.