Paper Leak Scam: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेंस (JEE Mains) शुरू होने से ठीक पहले झारखंड के रामगढ़ जिले में एक बहुत बड़े और खूंखार परीक्षा सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. रामगढ़ पुलिस ने राधा गोविंद विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर धावा बोलकर इस परीक्षा में भारी गड़बड़ी और धांधली की साजिश को नाकाम कर दिया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घिनौने खेल में शामिल विश्वविद्यालय के ही एक कंप्यूटर टेक्नीशियन समेत तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है.
चुनिंदा छात्रों को पास कराने के लिए रातों-रात बदले जा रहे थे कंप्यूटर सिस्टम
पुलिस की तफ्तीश में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 2 से 8 अप्रैल तक चलने वाली इस ऑनलाइन परीक्षा में अमीर और चुनिंदा अभ्यर्थियों को अवैध रूप से पास कराने के लिए परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम ही बदले जा रहे थे. अपराधियों का इरादा सिस्टम को हैक कर बाहर बैठे सॉल्वर से पेपर हल करवाने का था. पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें 70 मॉनिटर, 3 इंटरनेट राउटर, 1 सीपीयू (CPU), 4 अभियोजक मोबाइल और एक लग्जरी कार शामिल है. पकड़े गए शातिरों ने कबूल किया है कि इस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा में सेटिंग कराने वाला एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट एक्टिव है.
यूनिवर्सिटी के स्टाफ और टीसीएस (TCS) कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) निर्मल कुमार मंडल के लिखित बयान पर पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में कोठार निवासी यूनिवर्सिटी स्टाफ दिनेश कुमार महतो, ओरमांझी का रहने वाला उसका हमनाम दिनेश कुमार महतो और ठुमरटोली का शाकिर अंसारी शामिल हैं. इसके अलावा रामगढ़ थाने में बिहार के सारण जिले के रहने वाले मुख्य दलाल सूरज कुमार सिंह समेत दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विस (TCS) के बेईमान कर्मचारी राजेश ठाकुर, रविशंकर और छपरा के काकू सहित कई अज्ञात चेहरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है.
कंपनी के भरोसे का फायदा उठाकर मोटी रकम वसूलने का था प्लान
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अजय कुमार और उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. एसपी ने बताया कि पिछले चार सालों से इस यूनिवर्सिटी के ब्लॉक-सी वाले कंप्यूटर लैब में टीसीएस कंपनी ही जेईई-मेंस की परीक्षा का सफल आयोजन करवाती आ रही है. नियम के मुताबिक, परीक्षा से दो दिन पहले टीसीएस पूरी लैब को अपने हैंडओवर ले लेती थी. इसी अटूट भरोसे का गलत फायदा उठाकर टीसीएस का गद्दार कर्मचारी राजेश ठाकुर अपने बाहरी साथियों के साथ कैंपस में घुसा था. हालांकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन की सतर्कता और सूझबूझ से समय रहते देश के भविष्य के साथ होने वाला यह बड़ा खिलवाड़ टल गया.