Ranchi ACB Court: झारखंड के चर्चित आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में जेल में बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर रांची की विशेष ACB कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के विशेष लोक अभियोजक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट से केस डायरी पेश करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की. अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है.
शराब, वन भूमि और सेवायत जमीन घोटालों से जुड़ा है सिंडिकेट
विनय चौबे पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर शराब घोटाले, वन भूमि घोटाले और सेवायत भूमि घोटाले जैसे कई अवैध स्रोतों से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है. ACB की जांच में यह बात सामने आई है कि इन घोटालों के माध्यम से की गई अवैध कमाई को विभिन्न अचल संपत्तियों और व्यापारिक निवेशों में खपाया गया.
पत्नी और ऑटोमोबाइल कारोबारी भी मामले में नामजद आरोपी
इस भ्रष्टाचार के सिंडिकेट में केवल विनय चौबे ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और करीबी सहयोगियों को भी घेरे में लिया गया है. ACB ने विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता, मशहूर ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी बनाया है. जांच एजेंसी का मानना है कि इन लोगों के माध्यम से काले धन को सफेद करने और बेनामी संपत्तियां बनाने का खेल खेला गया.
केस डायरी में छिपे हैं कई बड़े राज, कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
निलंबित IAS विनय चौबे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और अब उनकी नजरें 4 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ACB की केस डायरी में घोटालों के पुख्ता सबूत और मनी ट्रेल (पैसों का लेन-देन) का स्पष्ट जिक्र हुआ, तो जमानत मिलना काफी मुश्किल हो सकता है. फिलहाल, रांची की विशेष अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक सभी आवश्यक दस्तावेज और केस डायरी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए.