Gamharia PDS Scam: गम्हरिया प्रखंड की डुमरा पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की बदहाली को लेकर शुक्रवार को दर्जनों लाभुकों ने प्रखंड कार्यालय में धावा बोल दिया. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि “बाबा तिलका मांझी” स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान में भारी अनियमितता बरती जा रही है. लाभुकों के अनुसार, डीलर द्वारा हर महीने उनके हक के निर्धारित कोटे से लगभग आधा राशन ही दिया जाता है, जिससे गरीब परिवारों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है.
10 किमी दूर से ऑटो भाड़ा कर पहुंचे ग्रामीण, आपूर्ति पदाधिकारी ने नहीं उठाया फोन
विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि वे व्यवस्था से इतने तंग आ चुके हैं कि करीब 10 किलोमीटर दूर सुदूर इलाकों से निजी ऑटो का भाड़ा भरकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे हैं. इससे पहले ग्रामीणों ने डीलर की दुकान पर भी विरोध जताया था और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) को कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा. अधिकारियों की इस बेरुखी ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है.
महिला लाभुकों ने सुनाई अपनी पीड़ा, आंदोलन की दी चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल बसंती मंडल और अष्टमी कुमारी जैसी महिला लाभुकों ने भावुक होते हुए कहा कि वे हर महीने उम्मीद के साथ दुकान जाती हैं, लेकिन उन्हें कम अनाज देकर लौटा दिया जाता है. कमला देवी मंडल ने बताया कि वे यहां न्याय की उम्मीद में आई हैं. लाभुकों ने संबंधित विभाग के कक्ष में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही राशन की कटौती बंद नहीं हुई और जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़े और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल, लंबित शिकायतों का नहीं हुआ समाधान
प्रखंड कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपने के बाद अब गेंद प्रशासन के पाले में है. डुमरा पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी इस तरह की गड़बड़ियों की जानकारी दी गई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से डीलरों के हौसले बुलंद हैं. गम्हरिया प्रखंड में पीडीएस वितरण में पारदर्शिता की कमी और लाभुकों के प्रति विभाग की संवेदनहीनता अब एक गंभीर मुद्दा बनती जा रही है.