Gamharia News: गम्हरिया प्रखंड के नए अनाज गोदाम में भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद गुरुवार को सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आईएएस अभिनव प्रकाश जांच करने पहुंचे. दोपहर करीब 1:00 बजे जब एसडीओ गोदाम पहुंचे, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था. प्रभारी एजीएम सुनील कुमार चौधरी मौके से गायब मिले और गोदाम में केवल एक ऑपरेटर मौजूद था. अधिकारी की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद बाहरी मजदूर भी धीरे से रफूचक्कर हो गए, जिससे गोदाम के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्टॉक की गिनती और रजिस्टर पर AGM का गैर-जिम्मेदाराना जवाब
काफी देर बाद जब प्रभारी एजीएम सुनील कुमार चौधरी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने जांच में सहयोग करने के बजाय अजीबोगरीब दलीलें दीं. जब एसडीओ ने मौजूद अनाज की बोरियों का हिसाब मांगा, तो एजीएम ने साफ कह दिया कि उन्हें स्टॉक की गिनती करना नहीं आता है. इतना ही नहीं, जब स्टॉक पंजी (रजिस्टर) दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने बताया कि वह भी मौके पर उपलब्ध नहीं है. एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना रवैया भ्रष्टाचार की आशंकाओं को और पुख्ता कर रहा है.
मिठाई के डिब्बे में छिपाकर लाया गया सरकारी दस्तावेज
जांच के दौरान सबसे हैरान करने वाला वाकया तब हुआ जब करीब एक घंटे के इंतजार के बाद एक मजदूर स्टॉक पंजी लेकर पहुंचा. यह महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज किसी फाइल या बैग में नहीं, बल्कि मिठाई के एक खाली डिब्बे में छिपाकर लाया गया था. बोरिया ढोने वाले मजदूर द्वारा इस तरह रजिस्टर पेश किए जाने से विभाग की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड के रख-रखाव की पोल खुल गई है. एसडीओ ने इस पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए गहन जांच के संकेत दिए हैं.
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जांच प्रक्रिया जारी
आईएएस अभिनव प्रकाश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है. गोदाम से प्रभारी की अनुपस्थिति, रिकॉर्ड गायब होने और स्टॉक की जानकारी न दे पाना गंभीर अनुशासनहीनता के दायरे में आता है. एसडीओ ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस छापेमारी के बाद गम्हरिया और सरायकेला के अन्य सरकारी गोदामों के संचालकों में हड़कंप मच गया है.