Jamshedpur: डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की कथित मनमानी एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार को अस्पताल परिसर में होमगार्डों द्वारा एक मरीज और उसके वाहन चालक के साथ मारपीट की घटना ने हड़कंप मचा दिया। इस घटना में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि मरीज के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।
इलाज के लिए पहुंचे थे मरीज, ड्राइवर को बना लिया निशाना
जानकारी के अनुसार, राहुल कुमार नामक मरीज इलाज के लिए अपने वाहन से एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ आए ड्राइवर सुजीत कुमार ने वाहन खड़ा करने के बाद अस्पताल के अंदर थोड़ी देर आराम करने के लिए फर्श पर लेट गए। बताया जा रहा है कि वे रातभर जागे हुए थे और काफी थके हुए थे।
होमगार्ड ने ठोकर मारकर उठाया, यहीं से शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड ने सुजीत को पैर से ठोकर मारकर उठा दिया। ड्राइवर ने उनसे निवेदन किया कि वह कुछ देर आराम करने दें, लेकिन गार्ड ने उसकी एक नहीं सुनी और तुरंत गाड़ी हटाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।
दो गार्डों ने मिलकर की पिटाई, सिर फटने से बहा खून
विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद दो अन्य होमगार्ड भी शामिल हो गए और ड्राइवर सुजीत कुमार के साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि गार्डों ने उसे मुक्कों से पीटा और दीवार से जोर से टकरा दिया, जिससे उसके सिर के पीछे गंभीर चोट लग गई। सिर फटने के कारण काफी खून बहने लगा। बाद में अस्पताल में उसका इलाज किया गया, जहां उसके सिर में पांच टांके लगाए गए।
बीच-बचाव करने पहुंचे मरीज के साथ भी धक्का-मुक्की
घटना के दौरान मरीज राहुल कुमार अपने ड्राइवर को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोप है कि उनके साथ भी गार्डों ने दुर्व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया गया। राहुल के अनुसार, वहां मौजूद एक बुजुर्ग होमगार्ड ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन अन्य गार्ड लगातार आक्रामक बने रहे।
स्थानीय लोगों की मदद से बची जान
मारपीट की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे और किसी तरह घायल ड्राइवर को होमगार्डों के चंगुल से बाहर निकाला। इसके बाद उसे तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया।
पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भी सुरक्षा गार्डों द्वारा एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। युवक अपने मरीज को लेने के लिए बाइक से अस्पताल जाना चाहता था, लेकिन गार्डों ने उसे रोक दिया था। विवाद बढ़ने पर कई गार्डों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी थी।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
उस मामले में पीड़ित द्वारा बिष्टुपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और गार्डों के व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं।