Pollution Report: स्विस कंपनी IQAir की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित देश पाकिस्तान है। उसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो आते हैं। भारत इस बार छठे नंबर पर है।
उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर
उत्तर प्रदेश का लोनी दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर बन गया है। नई दिल्ली इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में 5 भारत के हैं, गाजियाबाद, लोनी, बर्नीहाट (असम), नई दिल्ली और उला (पश्चिम बंगाल)।
लोनी का औसत PM2.5 स्तर 112.5 µg/m³ है, जो WHO के सुरक्षित स्तर 5 µg/m³ से 22 गुना ज्यादा है। इस रिपोर्ट में 143 देशों और 9,446 शहरों का डेटा देखा गया है।
प्रदूषण के मामले में दुनिया का हालात इस समय काफी मिला हुआ सा हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 54 देशों में प्रदूषण बढ़ा है, जबकि 75 देशों में प्रदूषण में कमी आई है। वहीं, 2 देशों में पिछले साल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ और इस साल रिपोर्ट में 12 नए देश भी शामिल किए गए हैं। इसके बावजूद, दुनिया के सिर्फ 14 फीसदी शहर ही WHO के सुरक्षित मानकों पर खरे उतर पाए हैं, यानी ज्यादातर शहरों में हवा अभी भी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्तर पर प्रदूषित है।
यूरोप और कनाडा में 1,380 मेगाटन कार्बन और धुंआ उत्सर्जित
2025 में जलवायु बदलाव की वजह से जंगल की आग ने दुनिया में प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई। यूरोप और कनाडा से रिकॉर्ड मात्रा में लगभग 1,380 मेगाटन कार्बन और धुंआ उत्सर्जित हुआ।
भारत छठे नंबर पर स्थिति नाजुक
भारत की स्थिति पिछले साल की रिपोर्ट में चिंताजनक थी। 2024 में भारत दुनिया का पांचवां सबसे प्रदूषित देश था। उस समय देश का औसत PM2.5 स्तर 50.6 µg/m³ था, जो WHO के सुरक्षित स्तर से लगभग 10 गुना ज्यादा था। खास बात यह है कि 2024 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी और दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 भारत के थे, जो यह दर्शाता है कि देश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब है।
भारत में हर साल करीब 17 लाख लोग प्रदूषण की वजह से मरे
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 17 लाख लोग प्रदूषण की वजह से मरते हैं। यह भारत में होने वाली कुल मौतों का लगभग 18 फीसदी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण भारत के लिए आर्थिक नुकसान से भी बड़ा खतरा है।