Ranchi News: कुख्यात प्रिंस खान से जुड़े उगाही नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस होटल से अभिषेक उगाही का नेटवर्क चला रहा था, वहां अवैध गतिविधियों के संचालित होने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां से यह नेटवर्क लंबे समय से चल रहा है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।जानकारी के अनुसार, मेदिनीनगर स्थित रिवर व्यूरिजॉट में केवल रंगदारी की रकम का लेन-देन ही नहीं होता था, बल्कि यहां से अन्य अवैध गतिविधियों के संचालित होने के भी संकेत मिले हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि होटल को एक सुरक्षित ठिकाने की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जहां से गिरोह के लोग बैठकर नेटवर्क को संचालित करते थे।रिजॉट मे काम करने वाले अभिषेक को इस उगाही नेटवर्क का अहम किरदार बताया जा रहा है। वह न केवल पलामू प्रमंडल में कारोबारियों से उगाही करता था, बल्कि वसूली गई रकम को सुरक्षित तरीके से गिरोह तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करता था। होटल में बैठकर ही संपर्क, योजना और पैसों के ट्रांजैक्शन की रूपरेखा तैयार की जाती थी।स्थानीय लोगों का कहना है कि रिजॉट में संदिग्ध गतिविधियां पहले से ही देखी जा रही थीं, लेकिन डर और दबाव के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और अगर किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
शैलेन्द्र सिंह ने आरोप से किया इनकार
हालांकि रिवर व्यू रिजॉर्ट के संचालक शैलेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके रिजॉर्ट में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं होती और संस्थान पूरी तरह नियमों के तहत संचालित किया जाता है।
शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जिस व्यक्ति का नाम सामने आया है, वह सीधे तौर पर रिजॉर्ट प्रबंधन से जुड़ा नहीं था, बल्कि नीचे के कुछ कमरे किराये पर दिए गए एक कैफे ‘आर डेट कैफे’ में वेटर का काम करता था। ऐसे में यदि उस स्तर पर कोई गतिविधि हुई भी हो, तो उसकी जानकारी रिजॉर्ट प्रबंधन को नहीं थी और न ही उससे उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध है।
रिजॉर्ट संचालक ने यह भी कहा कि पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनका रिजॉर्ट के संचालन से कोई लेना-देना नहीं है। उनका प्रतिष्ठान हमेशा एक साफ-सुथरी छवि के साथ संचालित होता है और ग्राहकों को सुरक्षित व बेहतर माहौल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच एजेंसियों को किसी भी प्रकार की जानकारी या सहयोग की आवश्यकता होगी, तो वे पूरी पारदर्शिता के साथ सहयोग करेंगे।