Jammu Kashmir High Alert: जम्मू-कश्मीर में फिर से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि कुछ आतंकी संगठन सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते हैं और IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के जरिए बड़ा हमला कर सकते हैं।
सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर तैनात किया गया
सूत्रों के मुताबिक, ये अलर्ट सभी सुरक्षा एजेंसियों और जमीनी जवानों को दे दिया गया है ताकि किसी भी खतरे से पहले ही निपटा जा सके। जवानों को निर्देश दिया गया है कि वो अपनी आवाजाही सीमित रखें, और सिर्फ बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल करें। संवेदनशील जगहों पर और सतर्क रहने को कहा गया है।
आतंकियों द्वारा पुराने हमले दोहराने की आशंका
सूत्रों के अनुसार ये भी बताया गया है कि आतंकी पुराने तरीके दोहरा सकते हैं, पहले IED ब्लास्ट और फिर अंधाधुंध फायरिंग। ऐसे में सुरक्षा बल हर स्थिति के लिए तैयार रहें और तय नियमों के मुताबिक काम करें।
सुरक्षा अभियान और निगरानी बढ़ाई गई
पिछले दो हफ्तों से सुरक्षा एजेंसियां खतरे को देखते हुए लगातार हालात का जायजा ले रही हैं। कुछ संवेदनशील इलाकों में “देखो और मारो” अभियान भी चलाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के जवान इन इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियान चला रहे हैं। हाइवे और दूरदराज के रास्तों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से भी जांच की जा रही है।
IED ब्लास्ट कितना खतरनाक होता है?
आतंकी IED का इस्तेमाल बड़े नुकसान के लिए करते हैं। इसमें तेज़ विस्फोटक और जल्दी जलने वाले पदार्थ होते हैं। IED अक्सर सड़क किनारे या रास्ते में छिपा दिया जाता है और जैसे ही कोई इसके पास आता है, यह फट सकता है। इसे रिमोट, ट्रिप वायर या इंफ्रारेड जैसे तरीकों से भी चलाया जा सकता है। विस्फोट के बाद तेज आग और धुआं फैलता है, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है।