Hazaribagh: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कुसुंभा गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। 12 वर्षीय एक मासूम बच्ची मंगलवार रात करीब 8 बजे गांव में निकले मंगला जुलूस में शामिल हुई थी, जहां उसे आखिरी बार नृत्य करते हुए देखा गया। इसके बाद वह अचानक लापता हो गई। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पूरी रात परिवार और ग्रामीण उसे खोजते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
सुबह झाड़ियों में मिला क्षत-विक्षत शव
बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे ग्रामीणों की नजर मध्य विद्यालय कुसुंभा के पीछे बांस की झाड़ियों के पास पड़ी, जहां बच्ची का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। शव की स्थिति बेहद भयावह थी, जिससे पूरे गांव में सनसनी और दहशत फैल गई।
शरीर पर गहरे जख्म, क्रूरता की हद पार
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, बच्ची के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट के निशान थे। उसके दांत तक तोड़ दिए गए थे और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर जख्म साफ दिखाई दे रहे थे। घटनास्थल पर खून के धब्बे बिखरे हुए थे, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि बच्ची ने हमलावरों का विरोध किया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और पहचान छिपाने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव फेंका गया
आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को स्कूल के पीछे बांस की झाड़ियों में फेंक दिया। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अपराधियों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड जांच में जुटे
घटना की जानकारी मिलते ही विष्णुगढ़ पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय से फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया गया है, जिससे मौत के कारण और अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सके।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृत बच्ची अपने परिवार की सबसे छोटी बेटी थी। उसके पिता जीविकोपार्जन के लिए मुंबई में रहते हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों में गुस्सा, कड़ी सजा की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।
अधिकारियों का बयान, हर पहलू की हो रही जांच
सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी सपन कुमार महथा और विष्णुगढ़ एसडीपीओ बैद्यनाथ प्रसाद मौके पर पहुंचे और आक्रोशित ग्रामीणों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसडीपीओ ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर बिंदु पर जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि घटना मंगला जुलूस के बाद हुई होगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
मामला दर्ज, जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों की पहचान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।