BREAKING: बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा-नागुडसाई गांव में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले दो जिंदा बमों ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया था। ये बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय के बताए जा रहे हैं, जिनका वजन लगभग 227 किलोग्राम (500 पाउंड) प्रत्येक बताया गया। बालू उत्खनन के दौरान मजदूरों की नजर इन संदिग्ध वस्तुओं पर पड़ी, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई।
सेना की एंट्री, शुरू हुआ हाई-लेवल ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को बुलाया गया। करीब आठ दिनों की तैयारी और सुरक्षा इंतजामों के बाद सेना ने मौके पर पहुंचकर बमों को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की।
पूरे इलाके को किया गया सील, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बम मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया। जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। पुलिस, सैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार इलाके में तैनात रहीं, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से भी उस क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
ड्रोन से निगरानी, हर गतिविधि पर नजर
पूरे ऑपरेशन के दौरान ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की गई। किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
बम निष्क्रिय करने के लिए विशेष तैयारी
बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए नदी किनारे लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा तैयार किया गया। इसके बाद दोनों बमों को नियंत्रित तरीके से उसमें दबाकर डिफ्यूज प्रक्रिया शुरू की गई।
- एक बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया।
- दूसरे बम को लगभग 30 मिनट के अंतराल पर डिफ्यूज किया गया।
- इस दौरान किसी भी बड़े खतरे से बचने के लिए पूरी प्रक्रिया को बहुत ही सावधानी के साथ अंजाम दिया गया।
एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड को रखा गया अलर्ट पर
पूरे ऑपरेशन के दौरान अग्निशमन विभाग और NDRF की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीणों में डर का माहौल, कई ने छोड़े घर
घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल बन गया। कई ग्रामीणों ने एहतियातन अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। प्रशासन लगातार लोगों से अपील करते रही कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
जमशेदपुर पुलिस और प्रशासन की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में जमशेदपुर पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही।
- जमशेदपुर एसएसपी ने इस पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग की साथ ही बहरागोड़ा थाना प्रभारी ने मोर्चा संभाला और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और गश्त को मजबूत किया।
- जमशेदपुर एसएसपी ने भारतीय सेना, बम निरोधक दस्ता, एयर ट्रैफिक कंट्रोल कोलकाता और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया।
- स्थानीय लोगों को समय-समय पर अलर्ट किया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखा गया।
चरणबद्ध तरीके से पूरा हुआ ऑपरेशन
सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने इस पूरे अभियान को चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक पूरा किया। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते बमों को निष्क्रिय कर लिया गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता और समन्वय के जरिए बड़े से बड़े खतरे को भी टाला जा सकता है।