आयोग, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा दाखिल टैरिफ प्रस्ताव पर विचार कर अंतिम निर्णय लेगा। जेबीवीएनएल ने बिजली दरों में
50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की मांग की है। यदि आयोग इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है, तो राज्य में बिजली दरें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं, किसानों और उद्योगों पर पड़ेगा।
प्रस्ताव के अनुसार शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर 6.85 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 10.30 रुपये प्रति यूनिट करने की मांग की गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दर 6.70 रुपये से बढ़कर 10.20 रुपये प्रति यूनिट तक हो सकती है। इसके अलावा फिक्स्ड चार्ज में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है।
जेबीवीएनएल ने अपनी टैरिफ याचिका में दर बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए हैं। इनमें बिजली खरीद की बढ़ती लागत, पुराने पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) से जुड़ी वित्तीय देनदारियां, वितरण में हो रहा घाटा और बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जरूरी पूंजीगत निवेश शामिल हैं।
कंपनी का कहना है कि मौजूदा दरों पर बिजली आपूर्ति का संचालन आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं है, इसलिए दरों में संशोधन आवश्यक हो गया है। नई बिजली दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
अब सभी की नजर आयोग के फैसले पर टिकी है, क्योंकि इस निर्णय का सीधा असर राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है।