Assam Nomination Chaos: असम में विधानसभा चुनाव को लेकर उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब कांग्रेस के कई उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने की खबरें सामने आईं। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस प्रत्याशी बिदिशा नेओम का नामांकन भी रद्द कर दिया गया है।
जांच में सामने आई अलग तस्वीर
हालांकि बाद में चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि बिदिशा नेओम के सभी नामांकन रद्द नहीं हुए हैं। उनके द्वारा दाखिल किए गए कई सेट में से केवल एक सेट खारिज हुआ है, जबकि अन्य वैध पाए गए हैं। इसका मतलब यह है कि वह अभी भी चुनावी मैदान में बनी हुई हैं।
कुछ सीटों पर कांग्रेस को झटका
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, ढकुआखाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार आनंद नराह और हाफलोंग सीट से निर्मल लंगथासा के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों में कांग्रेस को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
राजनीतिक समीकरण में बदलाव की संभावना
ढकुआखाना सीट फिलहाल भाजपा के प्रभाव में मानी जाती है, जबकि हाफलोंग सीट पर भी सत्तारूढ़ दल की स्थिति मजबूत बताई जा रही है। ऐसे में कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने से इन सीटों पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
अन्य दलों के उम्मीदवार भी प्रभावित
नामांकन प्रक्रिया के दौरान केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को भी झटका लगा है। जानकारी के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के तीन-तीन उम्मीदवारों के पर्चे खारिज हुए हैं। इसके अलावा एसयूसीआई (कम्युनिस्ट), अपनी जनता पार्टी और कई निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन भी निरस्त किए गए हैं।
बड़ी संख्या में दाखिल हुए नामांकन
राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए 800 से अधिक उम्मीदवारों ने कुल मिलाकर 1300 से ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। कई प्रत्याशियों ने एक से अधिक सेट में नामांकन जमा किए थे, जिनकी जांच के बाद वैध और अवैध पर्चों की सूची जारी की गई है।
चुनाव प्रक्रिया के इस चरण के बाद अब सभी दल आगामी रणनीति को लेकर सक्रिय हो गए हैं और चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।