Chatra Big News: झारखंड के चतरा जिले से एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही का खौफनाक मामला सामने आया है. वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के दन्तार गांव में कथित डॉक्टर शिव शंकर शर्मा उर्फ ठाकुर के गलत इलाज ने 40 वर्षीय बिनोद सिंह की जान ले ली. परिजनों के मुताबिक, बिनोद अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी वहां पहुंचे इस झोलाछाप ने बदन दर्द की शिकायत पर बिना किसी जांच-पड़ताल के उन्हें एक साथ तीन से चार इंजेक्शन लगा दिए. सुई लगते ही बिनोद की स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी और वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
मरीज की मौत के बाद आरोपी डॉक्टर हुआ फरार
हालत गंभीर होते देख आरोपी डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय परिजनों को गुमराह किया और मरीज को बेहतर इलाज के बहाने बिहार के गया ले जाने लगा. हालांकि, यह सफर बिनोद के लिए अंतिम साबित हुआ और गया पहुंचते ही उनकी मौत हो गई. जैसे ही मौत की पुष्टि हुई, खुद को डॉक्टर बताने वाला शिव शंकर मौके से फरार हो गया. पीछे छोड़ गया सिर्फ एक बिलखता परिवार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़े होते गंभीर सवाल.
अवैध क्लीनिक सील, पुलिस कर रही छापेमारी
घटना की सूचना मिलते ही वशिष्ठनगर थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कथित क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेजा, जहां से विस्तृत जांच के लिए उसे हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. फिलहाल पुलिस आरोपी झोलाछाप की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन वह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
सिस्टम की नींद पर उठ रहे हैं बड़े सवाल
गौरतलब है कि चतरा के हंटरगंज और जोरी जैसे इलाके लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों के गढ़ बने हुए हैं. प्रशासनिक कार्रवाई के दावों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में ऐसे “मौत के सौदागर” खुलेआम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं. ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने मांग की है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में किसी और “बिनोद” को अपनी जान न गंवानी पड़े.