CCA Removal Petition: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी (TPC) के पूर्व जोनल कमांडर और कुख्यात उग्रवादी भीखन गंझू की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट पिटीशन पर झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई. भीखन गंझू ने जेल में रहते हुए अपने ऊपर लगे झारखंड क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) को चुनौती दी है और इसे हटाने की मांग की है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
10 लाख का इनामी और एनआईए का मोस्ट वांटेड
भीखन गंझू झारखंड पुलिस और एनआईए (NIA) के लिए लंबे समय तक "मोस्ट वांटेड" रहा है. उस पर हत्या, आगजनी, लेवी वसूली और गोलीबारी जैसे 19 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. उग्रवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण उस पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था. मार्च 2022 में रांची के पंडरा इलाके से हुई उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना गया था, जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद है.
तत्कालीन एसएसपी की सिफारिश पर लगा था सीसीए
भीखन गंझू के बढ़ते आतंक और उग्रवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए साल 2021 के सितंबर महीने में रांची के तत्कालीन एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा की सिफारिश पर उस पर झारखंड क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) लगाया गया था. सीसीए लगने के महज 9 महीने बाद ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वर्तमान में वह 20 मार्च 2022 से रांची की जेल में सजा काट रहा है, लेकिन अब उसने कानूनी रास्ता अपनाते हुए सीसीए को हटाने की गुहार लगाई है.
चतरा और रामगढ़ समेत कई जिलों में दर्ज हैं केस
भीखन गंझू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है. उस पर चतरा के टंडवा में 6, पिपरवार में 9, चतरा सदर में 1, रांची के खलारी में 1 और रामगढ़ के कुजू थाने में 2 मामले दर्ज हैं. राज्य सरकार की ओर से अगले सप्ताह आने वाला जवाब यह तय करेगा कि भीखन गंझू पर सीसीए बरकरार रहेगा या उसे कोर्ट से कोई राहत मिलेगी. इस सुनवाई पर सुरक्षा एजेंसियों की भी पैनी नजर टिकी हुई है.