Baharagora: जमशेदपुर के स्वर्णरेखा नदी तट पर मिले जिंदा बम को लेकर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। घटना के करीब आठ दिन बाद भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और अब बम को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
बालू उत्खनन के दौरान हुआ था बम का पता
जानकारी के अनुसार, स्वर्णरेखा नदी के पास पानीपड़ा-नागुडसाई गांव स्थित घाट पर बालू निकालने के दौरान मजदूरों को यह संदिग्ध वस्तु दिखाई दी थी। नजदीक से जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक शक्तिशाली बम है, जो आज भी सक्रिय अवस्था में मौजूद है।
भारी वजन और संवेदनशीलता से बढ़ी चुनौती
प्रारंभिक जांच में इस बम का वजन करीब 227 किलोग्राम (500 पाउंड) बताया जा रहा है, जो अमेरिकी एएन-एम 64 मॉडल का बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बम अत्यधिक संवेदनशील स्थिति में है और इसे निष्क्रिय करने के दौरान जरा सी चूक भी बड़ा विस्फोट कर सकती है।
पूरे क्षेत्र को किया गया सील, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बम मिलने वाले स्थान के आसपास लगभग एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। किसी भी आम नागरिक को वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से भी उस क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक से निगरानी
पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की असामान्य स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
बम निष्क्रिय करने के लिए बनाई जा रही विशेष व्यवस्था
सूत्रों के अनुसार, बम को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज करने के लिए नदी किनारे विशेष गड्ढा तैयार किया जा रहा है। सेना की बम निरोधक टीम पूरी प्रक्रिया को बेहद सावधानी के साथ अंजाम दे रही है, ताकि आसपास के इलाके को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
दूसरे संदिग्ध बम की सूचना से बढ़ी चिंता
इसी बीच पास के एक घर के समीप एक और संदिग्ध बम जैसी वस्तु मिलने की खबर से इलाके में तनाव और बढ़ गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस सूचना की भी जांच कर रही हैं और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों में भय, घर छोड़ने लगे लोग
घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल है। कई ग्रामीण एहतियात के तौर पर अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों से दूर रहें।
सेना, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
सोमवार से ही सेना, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। आज मंगलवार को मुख्य डिफ्यूज अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे ऑपरेशन को चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है।
हर कदम पर बरती जा रही सतर्कता
अधिकारियों के अनुसार, बम की स्थिति को देखते हुए हर कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम लगातार स्थिति का आकलन कर रही है और यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि किसी भी तरह की अनहोनी न हो।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें, निर्धारित क्षेत्र से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जल्द ही इस खतरे को टाल दिया जाएगा।