UGC Guidelines Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
नए नियमों पर उठे सवाल, याचिका में भेदभाव और समाज में बंटवारे का आरोप
दरअसल, ये मामला यूजीसी के उन नए नियमों से जुड़ा है जो उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए हैं। इन नियमों के खिलाफ एक आवेदन दी गई है, जिसमें कहा गया है कि ये नियम भेदभावपूर्ण हैं और समाज को बांट सकते हैं।
ये आवेदन भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने दर्ज की है। उनका कहना है कि यूजीसी के जरिए समाज में बंटवारा पैदा करने की कोशिश हो रही है।
पहले भी लग चुकी है रोक, देशभर में विरोध तेज
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट 29 जनवरी को इन नियमों पर रोक लगा चुका है। कोर्ट ने कहा था कि नियम अभी साफ नहीं हैं और इनके दीर्घकालिक असर हो सकते हैं, जिससे समाज में बंटवारा भी हो सकता है। इन्हीं वजहों से देश के कई हिस्सों में इन नियमों का विरोध भी हुआ। जयपुर में करणी सेना ने भी प्रदर्शन किया और नियम वापस लेने की मांग की।
नियमों में पक्षपात का आरोप, सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षा और शिकायत व्यवस्था पर सवाल
विरोध करने वालों का कहना है कि इन नियमों में जातिगत भेदभाव को सिर्फ एससी, एसटी और ओबीसी तक ही सीमित कर दिया गया है। उनका मानना है कि सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए इसमें न तो कोई खास सुरक्षा है और न ही उनकी शिकायत सुनने का कोई पक्का सिस्टम।