Amba Prasad Press Conference: पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि एनटीपीसी ने अदालती आदेशों को ताक पर रखकर उनके घर को तोड़ा है. उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई आनन-फानन में की गई और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे अनदेखा कर दिया. अंबा का दावा है कि एनटीपीसी सरकार के संरक्षण में काम कर रही है और जानबूझकर गलत कानून (सीबी एक्ट) का सहारा लेकर विस्थापितों के हक को कुचल रही है.
भावुक होकर बयां किया दर्द
अंबा प्रसाद ने अपनी मां के साथ हुए दुर्व्यवहार पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने घर से सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया और उनकी मां को उसी हालत में घर से बाहर कर दिया गया. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि विस्थापितों की हक की लड़ाई लड़ने के कारण ही उन्हें और उनके परिवार को आज यह दिन देखना पड़ रहा है.
सरकार के नारे पर तंज
राज्य सरकार के "अबुआ सरकार" के नारे पर कटाक्ष करते हुए अंबा ने इसे "बबुआ सरकार" करार दिया. उन्होंने कहा कि जिस तरह की तानाशाही चल रही है, उससे जनता का भरोसा टूट रहा है. अंबा ने स्पष्ट किया कि उनके पास इस अन्याय के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और वे विस्थापितों के न्याय के लिए अपनी लड़ाई और भी मजबूती से जारी रखेंगी.
एनटीपीसी को दी खुली चुनौती
कांग्रेस सचिव ने एनटीपीसी को चुनौती देते हुए कहा कि कंपनी अपने साक्ष्य सार्वजनिक करे. उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापितों के लिए बने "लारा" कानून को दरकिनार कर तानाशाही रवैया अपनाया गया है. अंबा ने साफ कर दिया कि घर तोड़ने से उनकी आवाज नहीं दबेगी और वे इस मामले को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर संघर्ष जारी रखेंगी.