Dhanbad-Dumka Road: धनबाद से राज्य की उपराजधानी दुमका की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. गोविंदपुर-पोखरिया-रूपनारायणपुर मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों के पूरा होने से धनबाद और दुमका के बीच की दूरी लगभग 35 किलोमीटर कम हो जाएगी. वर्तमान में लोगों को गोविंदपुर-साहिबगंज मार्ग से लंबा चक्कर लगाकर करमदाहा होकर जाना पड़ता है, लेकिन इस नई सड़क और पुल के बन जाने से पोखरिया के रास्ते सीधे जामताड़ा और दुमका में प्रवेश करना संभव होगा. यह प्रोजेक्ट न केवल समय बचाएगा बल्कि ईंधन की खपत में भी भारी कमी लाएगा.
गोलपहाड़ी पुल का 45 प्रतिशत काम हुआ पूरा
राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल की देखरेख में गोलपहाड़ी के पास 1.8 किलोमीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा टू-लेन पुल बनाया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी पुल का निर्माण कार्य फरवरी 2023 में शुरू हुआ था और अब तक लगभग 45 फीसदी काम सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है. कार्यपालक अभियंता दिलीप कुमार साह के अनुसार, विभाग ने इस पुल को 31 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यह पुल संताल परगना और धनबाद के बीच यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा.
170 करोड़ की लागत से बदलेगी क्षेत्र की सूरत
पोखरिया से रूपनारायणपुर तक 36 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने 170 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है. इस सड़क का निर्माण कार्य गुजरात की प्रतिष्ठित कंपनी वीआरएस को सौंपा गया है. हालांकि, धनबाद और जामताड़ा के विभिन्न मौजा में भूमि अधिग्रहण की कुछ जटिलताओं के कारण फिलहाल काम की गति थोड़ी धीमी है, जिसे सुलझाने के लिए जिला प्रशासन सक्रियता दिखा रहा है. जैसे ही जमीन का पेच सुलझेगा, निर्माण कार्य में तेजी आएगी और क्षेत्र के ग्रामीणों को उबड़-खाबड़ रास्तों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.
आर्थिक और सामाजिक विकास को मिलेगी नई गति
इस सड़क परियोजना के पूरा होने से न केवल धनबाद और दुमका करीब आएंगे, बल्कि पश्चिम बंगाल तक की सीधी कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हो जाएगी. बेहतर सड़क मार्ग होने से स्थानीय किसानों को अपनी फसल बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और छात्रों को बड़े शिक्षण संस्थानों तक पहुँचने में समय की बचत होगी. इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को कम समय में धनबाद या दुमका के बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा. यह रोड प्रोजेक्ट भविष्य में संताल और कोयलांचल के बीच व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करेगा.