Adityapur Football Ground: आदित्यपुर स्थित फुटबॉल मैदान इन दिनों असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है. इस स्थिति के कारण स्थानीय बच्चों की सुरक्षा और उनके खेल के अधिकार पर गंभीर संकट मंडराने लगा है. मैदान के चारों ओर फैली शराब की खाली बोतलें और नशे में धुत लोगों की उपस्थिति न केवल बच्चों को शारीरिक रूप से चोटिल कर रही है, बल्कि उनके कोमल मन पर भी "नकारात्मक प्रभाव" डाल रही है. अभिभावकों ने इस कुव्यवस्था के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है.
शाम होते ही बदल जाता है मैदान का नजारा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जैसे ही सूरज ढलता है, मैदान में नशेड़ियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है. "शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन खुलेआम किया जाता है," जिससे बच्चों के लिए वहां खेलना नामुमकिन हो गया है. डरे हुए अभिभावक अब अपने बच्चों को अकेले मैदान भेजने से कतराने लगे हैं. निवासियों ने नगर निगम और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मैदान की अविलंब साफ सफाई कराई जाए और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं.
नगर निगम और पुलिस ने दिया कार्रवाई का भरोसा
इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही एक विशेष टीम भेजकर मैदान की स्थिति का जायजा लेंगे और वहां से गंदगी हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे. दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने भी क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया है कि "शाम के समय गश्ती (Patrolling) बढ़ाई जाएगी" ताकि नशेड़ियों को वहां से खदेड़ा जा सके. पुलिस ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे बड़े सवाल
इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या झारखंड पुलिस के नशाखोरी के खिलाफ कड़े नियमों का पालन आदित्यपुर में केवल कागजों तक सीमित है? स्थानीय लोग अब यह मांग कर रहे हैं कि नगर निगम इस मैदान की "घेराबंदी" (Fencing) कराए और प्रवेश द्वार पर गेट लगवाए ताकि रात के समय बाहरी तत्वों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित हो सके.