Ranchi: रांची रेल मंडल क्षेत्र में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे संपत्ति चोरी के एक मामले का सफल खुलासा किया है। 16 मार्च को पीआरएस कार्यालय से सूचना प्राप्त हुई थी कि रेलवे कोर्ट के समीप स्थित एक भवन की खिड़की को तोड़ दिया गया है, जिससे चोरी की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।
विशेष टीम गठित कर की गई छापेमारी
घटना की जांच के लिए आरपीएफ निरीक्षक के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसमें अपराध शाखा के अधिकारी भी शामिल थे। टीम ने तकनीकी जानकारी और गुप्त सूत्रों के आधार पर संदिग्ध स्थानों पर नजर रखनी शुरू की।
17 मार्च को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने उत्तर रेलवे कॉलोनी के एक परित्यक्त क्वार्टर को चिन्हित किया, जहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
आरपीएफ टीम ने घेराबंदी कर जब उक्त क्वार्टर की तलाशी ली, तो वहां पांच लोग रेलवे के विद्युत केबल काटते हुए पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया।
मौके से भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने करीब 42 मीटर बिजली के केबल, दो हेक्सा ब्लेड और एक पेपर कटर बरामद किया। यह सभी सामान रेलवे संपत्ति की चोरी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पूछताछ में सामने आया पूरा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे पहले भी रेलवे परिसर में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। उन्होंने यह भी कबूला कि पंप हाउस का ताला तोड़कर वहां से केबल चोरी की गई थी और पीआरएस भवन में भी चोरी की कोशिश की गई थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में
इस मामले में साहिल कच्छप, कृष्णा मुंडा, अनुज टोप्पो और लव मुंडा को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक नाबालिग को भी हिरासत में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत केस दर्ज
सभी आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति (अनधिकृत कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चोरी किए गए सामान को कहां खपाया जाता था।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
आरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भविष्य में भी इस तरह के सघन अभियान चलाकर चोरी और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।