Sadar Hospital Ranchi: रांची के सदर अस्पताल में अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा. अस्पताल में 16 बेड का अत्याधुनिक पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) पूरी तरह तैयार हो चुका है. इस यूनिट के शुरू होने से अब 1 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चों को आपातकालीन और गंभीर स्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी. अब तक सदर अस्पताल में इस आयु वर्ग के गंभीर बच्चों के लिए कोई समर्पित वार्ड नहीं था, जिससे उन्हें रिम्स या अन्य निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था.
HDFC बैंक ने CSR के तहत किया है निर्माण
अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. बिमलेश सिंह के अनुसार, इस पीआईसीयू का निर्माण एचडीएफसी बैंक ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से कराया है. इस यूनिट को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
- एडवांस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम (मरीजों की निरंतर निगरानी के लिए)
- ऑक्सीजन सपोर्ट और वेंटिलेटर (श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए)
- प्रशिक्षित स्टाफ: गंभीर बच्चों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाएगी.
एसएनसीयू (SNCU) और पीआईसीयू (PICU) में अंतर
सदर अस्पताल में पहले से SNCU (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) संचालित है, लेकिन वहां केवल 1 साल से कम उम्र के नवजात शिशुओं का ही इलाज संभव था. 1 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए विशेष आईसीयू की कमी के कारण इलाज में देरी या रेफरल की समस्या बनी रहती थी. अब 1 से 15 साल के बच्चों के लिए अलग से पीआईसीयू बन जाने से बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा और परिजनों को समय पर इलाज मिल सकेगा.
उद्घाटन की तैयारी और भविष्य की योजना
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, अगले एक से दो दिनों में इस यूनिट का औपचारिक उद्घाटन कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. डॉ. बिमलेश सिंह ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में यहां संसाधनों और स्टाफ की संख्या में और इजाफा किया जाएगा. यह पहल रांची के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी.