Operation Clean: झारखंड पुलिस ने कुख्यात प्रिंस खान के आतंकी नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए “ऑपरेशन क्लीन” तेज कर दिया है. रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने अपराधी के सुरक्षित ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. पिछले सात दिनों के भीतर हुई दो बड़ी मुठभेड़ों ने यह साफ कर दिया है कि अब खाकी अपराधियों के सामने झुकने के बजाय सीधे प्रहार कर रही है. इन कार्रवाइयों से वासेपुर से लेकर विदेश तक फैले प्रिंस खान के गिरोह में भारी खौफ है.
पहली मुठभेड़: बमबाजी के बीच पुलिस ने शूटरों को दबोचा
8 मार्च को गोविंदपुर थाना क्षेत्र के भूईंफोड़ में हुई पहली मुठभेड़ ने पुलिस के आक्रामक तेवर स्पष्ट कर दिए थे. जैप-3 फायरिंग रेंज के पास जब पुलिस की टीम अपराधियों को घेरने पहुंची, तो गैंग के गुर्गों ने बमबाजी और फायरिंग शुरू कर दी. इस हिंसक झड़प में सरायढेला थाने के एएसआई बालमुकुंद कुमार घायल हुए, लेकिन पुलिस ने पीछे हटने के बजाय जवाबी फायरिंग की. इसमें कुख्यात शूटर सुदीश ओझा के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे उसके साथी दिलीप के साथ मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
दूसरी मुठभेड़: भागाबांध के जंगलों में तड़के हुई फायरिंग
सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस ने एक बार फिर प्रिंस खान के शूटरों के गुप्त ठिकाने पर धावा बोला. भागाबांध ओपी क्षेत्र के पीछे स्थित घने जंगलों में हुई इस दूसरी मुठभेड़ ने गैंग की कमर तोड़ दी है. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने केंदुआडीह बस्ती के पास छिपे छह खतरनाक शूटरों की घेराबंदी की. दोनों ओर से हुई भीषण गोलीबारी के बाद पुलिस ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है. फिलहाल जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि छिपे हुए अन्य अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके.
विदेश में बैठे प्रिंस खान पर कसता शिकंजा
एक हफ्ते में दो मुठभेड़ों और कई प्रमुख शूटरों की गिरफ्तारी से प्रिंस खान का स्थानीय नेटवर्क बिखरता नजर आ रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक रंगदारी और दहशत फैलाने वाला यह गिरोह पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता. इन कार्रवाइयों के बाद से कोयलांचल के व्यापारियों और उद्यमियों ने राहत की सांस ली है, जिन्हें लगातार वर्चुअल नंबरों से धमकियां मिल रही थीं.