Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन सदन में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और विकास योजनाओं पर तीखी बहस हुई. सरकार की ओर से मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का ब्यौरा पेश किया.
प्रिंस खान पर शिकंजा और जेलों में 4G जैमर
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को सूचित किया कि कुख्यात कुख्यात प्रिंस खान के प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रिंस खान के गुर्गों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में मंत्री ने घोषणा की कि राज्य की जेलों में एक सप्ताह के भीतर 4G जैमर लगा दिए जाएंगे, ताकि जेल से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके. चतरा के व्यवसायी प्रेम सिंह को मिली धमकी के मामले में भी सुरक्षा देने का आश्वासन दिया गया.
शराब घोटाला और बढ़ता राजस्व
शराब घोटाले पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि एसीबी (ACB) इस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी. उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि हुई है.
- 2001-2019 तक: कुल 8,124 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था.
- 2019 से अब तक: राजस्व विभाग को 16,225 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं.
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार से 1 लाख 36 हजार करोड़ का बकाया मिल जाए, तो राज्य में शराबबंदी पर विचार किया जा सकता है.
नल-जल योजना और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमओयू
नल-जल योजना के बेहतर क्रियान्वयन और आधुनिक तकनीक के उपयोग के लिए झारखंड सरकार ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (MoU) करेगी. मंत्री ने केंद्र पर फंड रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि 24,665 करोड़ की इस योजना में राज्य ने अपना हिस्सा (7,385 करोड़) खर्च कर दिया है, जबकि केंद्र ने अब तक केवल 5,987 करोड़ ही दिए हैं और 6,270 करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं.
भर्ती नियमावली में संशोधन और बिजली बिल माफी
उत्पाद सिपाही भर्ती नियमावली में संशोधन की जानकारी देते हुए मंत्री ने युवाओं के हित में उठाए गए कदमों की चर्चा की. हालांकि, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले 15 अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग प्रमुखता से उठाई. ऊर्जा विभाग पर बोलते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार 200 यूनिट फ्री बिजली दे रही है और अब तक 3,629 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं.