Jharkhand Big News: देश में झारखंड और ओडिशा मजबूत राजकोषीय और वित्तीय प्रबंधन के मामले में अग्रणी राज्यों के रूप में उभरे हैं. नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (एफएचआई)-2026 की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. देश के 18 प्रमुख राज्यों की वित्तीय स्थिति के विश्लेषण में ओडिशा को प्रथम और झारखंड को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है.
वित्तीय अनुशासन में झारखंड का प्रदर्शन
नीति आयोग के दूसरे संस्करण की यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रदर्शन पर आधारित है. झारखंड ने संतुलित व्यय और वित्तीय विवेक के माध्यम से देशभर में अपनी स्थिति मजबूत की है. वित्तीय प्रबंधन के मामले में झारखंड ने अपने पड़ोसी राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल को काफी पीछे छोड़ दिया है.
राजकोषीय मजबूती के मामले में राज्यों को मिले स्कोर इस प्रकार हैं:
- ओडिशा: 73.1 (शीर्ष स्थान)
- गोवा: 54.7 (दूसरा स्थान)
- झारखंड: 50.5 (तीसरा स्थान)
इसके विपरीत, सूचकांक में सबसे अंतिम पायदान पर पश्चिम बंगाल (23.8), आंध्र प्रदेश (23.1) और पंजाब (12.4) रहे हैं. यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में वित्तीय अनुशासन की स्थिति बेहतर हुई है.
दशक भर के प्रदर्शन का विश्लेषण
रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में राज्यों की आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव देखे गए हैं. ओडिशा ने पूरे दशक के दौरान अपनी स्थिरता बनाए रखी और लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है. वहीं पंजाब और केरल जैसे राज्य लगातार ढांचागत चुनौतियों और बढ़ते कर्ज के बोझ के कारण वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं. महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े राज्यों का प्रदर्शन इस दौरान स्थिर बना रहा है.
भविष्य की संभावनाएं
झारखंड और ओडिशा में देखी जा रही निरंतर संस्थागत प्रगति विकास की नई राह खोल रही है. वित्तीय प्रबंधन में सुधार का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था और भविष्य की निवेश योजनाओं पर पड़ता है. नीति आयोग की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि बेहतर प्रबंधन और आर्थिक अनुशासन के जरिए राज्य अपनी प्रगति की गति को तेज कर सकते हैं.