Ranchi News: ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर अब रांची के ड्राई फ्रूट्स बाजार पर दिखाई देने लगा है. पिछले कुछ दिनों के भीतर सूखे मेवों की कीमतों में 4 से 10 प्रतिशत तक का उछाल आया है. स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे विशेषकर अफगानिस्तान और ईरान से आने वाले माल की आवक कम हो गई है.
मेवों की कीमतों में भारी उछाल
आंकड़ों के मुताबिक, रमजान के महीने में सबसे ज्यादा मांग में रहने वाले खजूर की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. इसी तरह, पिस्ता और मामरा बादाम की कीमतें भी 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जबकि अंजीर के दाम में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कारोबारी जुवीन ठक्कर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संकट शुरू होते ही कीमतों में इजाफा होना शुरू हो गया था.
महंगे हुए मेवे: एक नजर में (प्रति किलो)
मामरा बादाम की कीमत 3300 रुपये से बढ़कर 3600 रुपये हो गई है. प्लेन पिस्ता जो पहले 2400 रुपये में मिलता था, अब 2600 रुपये का हो गया है. इसी तरह सॉल्टेड पिस्ता 1450 रुपये से बढ़कर 1550 रुपये और अंजीर 1500 रुपये से बढ़कर 1600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. खजूर की अलग-अलग किस्मों के दाम भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं.
मसालों और चावल पर भी पड़ी महंगाई की मार
सूखे मेवों के अलावा मसालों और खाद्यान्न के दामों में भी तेजी देखी जा रही है. बाजार में मिर्चा गोटा की कीमत 300 रुपये से उछलकर 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. वहीं, अच्छी गुणवत्ता वाले सोनाचूर चावल के दाम भी 150 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति किलो हो गए हैं.
व्यापारियों को और बढ़त की आशंका
स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि यदि खाड़ी देशों में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आपूर्ति और अधिक बाधित हो सकती है. ऐसी स्थिति में कीमतों में और भी ज्यादा वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आम जनता की रसोई का बजट और अधिक प्रभावित होगा.