Gumla Breaking: झारखंड के गुमला जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की रांची टीम ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. विशुनपुर प्रखंड में कार्यरत महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को आठ हजार रुपये की अवैध राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. इस घटना ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है.
कुआं मरम्मत के बिल पास करने का मामला
विशुनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चट्टी सेरका निवासी परमेश्वर सिंह ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी से की थी. शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी निजी भूमि पर स्थित कुआं की मरम्मत का कार्य ग्राम सभा द्वारा स्वीकृत किया गया था. परमेश्वर सिंह ने कार्य को समय पर और पूरी ईमानदारी के साथ संपन्न कर लिया था, लेकिन भुगतान की प्रक्रिया में पंचायत सचिव बाधा बन रही थीं.
आठ हजार रुपये की अवैध मांग
कार्य पूर्ण होने के बाद शेष राशि के भुगतान और बिल को अंतिम रूप देने के बदले पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो द्वारा आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. परमेश्वर सिंह भ्रष्टाचार के इस दबाव के आगे झुकना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने कानून का सहारा लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई.
गोपनीय सत्यापन और प्राथमिकी दर्ज
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय तरीके से जांच शुरू की. सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि पंचायत सचिव वास्तव में बिल पास करने के नाम पर घूस की मांग कर रही हैं. साक्ष्य मिलने के आधार पर एसीबी रांची थाना कांड संख्या- 09/26 के तहत मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की योजना बनाई गई.
जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा
रणनीति के अनुसार एसीबी की एक विशेष टीम ने विशुनपुर प्रखंड कार्यालय के समीप मोर्चा संभाला. जैसे ही शिकायतकर्ता ने पंचायत सचिव को रिश्वत की तय राशि थमाई, सादे लिबास में तैनात ब्यूरो के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से रिश्वत के रूप में लिए गए आठ हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं.