Jharkhand News: ED कार्यालय से जुड़े विवाद में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा CBI जांच के आदेश दिए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए इसे न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. उन्होंने कहा कि यह आदेश राज्य की कानून व्यवस्था और निष्पक्ष जांच के लिए जरूरी था.
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
बाबूलाल मरांडी ने रांची पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ED कार्यालय में छापेमारी करना और भ्रष्टाचार की जांच को प्रभावित करने का प्रयास करना एक गंभीर मामला है. उनके अनुसार, स्थानीय पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा डालना चिंताजनक था, और अब CBI जांच से ही इस पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ पाएगी.
सरकार पर जांच रोकने की कोशिश का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए आशंका जताई है कि इस जांच को लटकाने का प्रयास किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार इस आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा सकती है और इसके लिए जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपया महंगे वकीलों पर खर्च किया जा सकता है.
दोषियों को सजा मिलने का जताया भरोसा
भाजपा नेता ने विश्वास जताया कि सच्चाई को ज्यादा दिनों तक दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि चाहे जितनी भी कोशिशें कर ली जाएं, निष्पक्ष जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. मरांडी ने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई कानून के शासन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है.