Jharkhand News: झारखंड में आने वाले दिनों में रामनवमी, ईद और सरहुल जैसे बड़े त्योहार एक साथ पड़ने वाले हैं. इन त्योहारों के दौरान राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रहे, इसे ध्यान में रखते हुए झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच पूरी तरह सतर्क हो गई है. इस संबंध में स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों के डीसी और एसपी को पत्र भेजकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.
क्या है निर्देश
जारी निर्देश के अनुसार मार्च महीने में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होने वाले हैं. 17 मार्च को दूसरा मंगला जुलूस निकलेगा. इसके बाद 19 मार्च को हिंदू नववर्ष का उत्सव मनाया जाएगा. 21 मार्च को ईद-उल-फितर और आदिवासी समाज का प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल मनाया जाएगा. वहीं 24 मार्च को तीसरी और अंतिम मंगलवारी जुलूस निकलेगा और 26 मार्च को रामनवमी का मुख्य पर्व मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्थानों पर भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी.
स्पेशल ब्रांच ने अपने पत्र में कहा है कि जुलूसों और शोभायात्राओं के दौरान कई बार भड़काऊ नारेबाजी या आपत्तिजनक गीत-संगीत बजाने से माहौल बिगड़ने की आशंका रहती है. इसलिए प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि अखाड़ा समितियों, मंदिर कमेटियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की गतिविधि से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो.
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
पुलिस और जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन क्षेत्रों को पहले से संवेदनशील माना जाता है या जहां पहले विवाद की घटनाएं हुई हैं, वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए. इसके साथ ही ऐसे लोगों की सूची को अपडेट करने को कहा गया है, जो पहले भी त्योहारों के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर चुके हैं, ताकि उन पर नजर रखी जा सके.
सोशल मीडिया पर भी प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर, अफवाह या आपत्तिजनक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है.
अवैध शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध
इसके अलावा अवैध शराब की बिक्री और प्रतिबंधित मांस के कारोबार पर रोक लगाने के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर सभी धर्मों के लोगों और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करने को भी कहा गया है.
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पर्व-त्योहारों के दौरान प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों और सरना स्थलों के आसपास पर्याप्त पुलिस बल और यातायात पुलिस की तैनाती की जाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे और आम लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो.