विधानसभा में यह मुद्दा झामुमो विधायक मथुरा महतो ने उठाया। उन्होंने कहा कि विधायकों और पूर्व विधायकों से जमीन के लिए राशि ले ली गई है, लेकिन अब तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं की गई है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
जमीन चिह्नित करने के लिए अधिकृत भाजपा विधायक सीपी सिंह ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि जमीन के लिए ली गई राशि सहकारी लिमिटेड के खाते में जमा है। उन्होंने इस मामले में रांची जिला प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने रांची के उपायुक्त से भी बातचीत की, लेकिन अब तक रजिस्ट्री के लिए पोर्टल नहीं खोला गया है।
सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ही उपायुक्त ने विधानसभा के चल रहे सत्र के दौरान एक सप्ताह के भीतर पोर्टल खोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी पोर्टल नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के लिए सभी आवश्यक कागजात तैयार हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि पुरानी विधानसभा परिसर (रशियन हॉस्टल) में ही रजिस्ट्री की व्यवस्था कर दी जाए, ताकि सभी वर्तमान और पूर्व विधायकों को एक साथ बुलाकर प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर से इस मामले का जल्द समाधान करने का अनुरोध किया।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि अगले तीन दिनों के भीतर रजिस्ट्री के लिए पोर्टल खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश है तो पोर्टल खोलने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए और रजिस्ट्री की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी।
बताया जाता है कि राज्य सरकार ने विधायकों और पूर्व विधायकों को आवंटित करने के लिए ग्रेटर रांची क्षेत्र में जमीन चिह्नित की है। अब पोर्टल खुलने के बाद जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।