मुलाकात के बाद जलसहियाओं ने कहा कि उस दिन हुई घटना को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह पूरा मामला एक गलतफहमी की वजह से हुआ था, जिसके कारण कुछ समय के लिए समाहरणालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हालांकि बातचीत के बाद अब स्थिति सामान्य हो चुकी है।
जलसहियाओं ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं था। वे केवल अपने बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को प्रशासन के सामने रखने के लिए समाहरणालय पहुंची थीं। इसी दौरान कुछ परिस्थितियों के कारण गलतफहमी पैदा हो गई।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और आश्वासन दिया कि जलसहियाओं के बकाया मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करेगा।
बैठक के बाद जलसहियाओं ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि उन्हें अब किसी प्रकार की शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त उनके जिलाधिकारी हैं और उनसे बातचीत के बाद सारी गलतफहमियां दूर हो गई हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनकी मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल की जा रही है।
जलसहियाओं ने लोगों से अपील की कि इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश न किया जाए और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का रूप न दिया जाए।