Jharkhand Vidhansabha: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक जयराम महतो ने राज्य की शिक्षा, खेल और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि हर साल बजट में कई बड़ी घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन जमीन पर उन योजनाओं का असर बहुत कम दिखाई देता है।
नए विश्वविद्यालयों की घोषणा पर उठाया सवाल
सदन में बोलते हुए जयराम महतो ने कहा कि सरकार ने B. R. Ambedkar के नाम पर विश्वविद्यालय खोलने की योजना की घोषणा की है। उन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए यह भी पूछा कि आखिर यह परियोजना कब तक पूरी होगी।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले बजट में 10 नए विश्वविद्यालय और 5 इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक इन योजनाओं का कोई स्पष्ट परिणाम सामने नहीं आया है।
पॉलिटेक्निक भवन तैयार, लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं
विधायक ने राज्य के कई पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कोठी, हजारीबाग, जामताड़ा, गोड्डा, पलामू, चतरा, बौदर और लोहरदगा समेत कई जगहों पर करीब 800 से 900 करोड़ रुपये की लागत से भवन बनकर तैयार हैं।
इसके बावजूद वहां अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि खाली पड़े इन भवनों की हालत खराब होती जा रही है और कई जगहों पर खिड़कियां, दरवाजे और पंखे तक चोरी हो रहे हैं।
विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि डी.के. सिंह को एक साथ तीन विश्वविद्यालयों का कुलपति बनाया गया है, जिससे शैक्षणिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि Dr. Shyama Prasad Mukherjee University में कुलपति नहीं होने के कारण कर्मचारियों ने ताला बंद कर दिया था, जिसके चलते छात्र मिड सेमेस्टर परीक्षा भी नहीं दे सके। इससे छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ने की आशंका है।
खिलाड़ियों के लिए बेहतर मंच की मांग
खेल के क्षेत्र पर भी जयराम महतो ने अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने ICC Mens T20 World Cup जीतने पर भारतीय टीम को बधाई दी और झारखंड के क्रिकेटर Ishan Kishan का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। 1928 के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता जयपाल सिंह मुंडा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सही अवसर के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं और कुछ तो रोज़ी-रोटी के लिए सड़कों पर सब्जियां बेचने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के विकास के लिए रखी कई मांगें
अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास को लेकर जयराम महतो ने कई मांगें भी रखीं। उन्होंने गलाकी, तारा नारी, परस्पनी होते हुए टीमों तक जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने डुमरी और नावाडीह प्रखंड में दो सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का भी आग्रह किया।
केवल घोषणाओं से नहीं चलेगा काम
अपने संबोधन के अंत में विधायक ने कहा कि बजट में बड़ी-बड़ी बातें करना ही पर्याप्त नहीं है। सरकार को जमीनी हकीकत का भी आकलन करना चाहिए और योजनाओं को सही तरीके से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, तभी राज्य का वास्तविक विकास संभव होगा।