Jharkhand: झारखंड के सुप्रसिद्ध मंदिर रजरप्पा स्थित माँ छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा एक श्रद्धालु की बेरहमी से पिटाई की गई। इस घटना ने रजरप्पा पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आपको बताए क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। भीड़ के दबाव के कारण कुछ श्रद्धालु मंदिर के निकासी द्वार से अंदर प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि पुलिसकर्मियों ने अपना आपा खो दिया और श्रद्धालु पर लात, घूंसे और डंडों की बौछार कर दी।
बीच-बचाव करता रहा परिवार
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि श्रद्धालु का परिवार पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर उन्हें रोकने की विनती कर रहा था। परिवार के सदस्य बीच-बचाव की कोशिश करते रहे, लेकिन खाकी के नशे में चूर सुरक्षाकर्मी लगातार लाठियां चलाते रहे। मंदिर जैसे शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक स्थान पर पुलिस का यह हिंसक चेहरा देख वहां मौजूद अन्य भक्त भी सहम गए।
न्याय समिति ने मानी गलती
घटना के तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद रजरप्पा मंदिर की न्याय समिति ने संज्ञान लिया है। समिति ने स्वीकार किया है कि पुलिस से बड़ी गलती हुई है और इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जो पुलिस सुरक्षा के लिए है, वही भक्षक की भूमिका में नजर आ रही है।
प्रशासन पर उठते सवाल
भीड़ नियंत्रण के लिए लाठीचार्ज ही एकमात्र विकल्प था श्रद्धालुओं के साथ मानवीय व्यवहार करने का प्रशिक्षण पुलिस को क्यों नहीं दिया जाता क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर कोई कड़ी कार्रवाई की जाएगी प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में किसी निलंबन या आधिकारिक जांच रिपोर्ट की पुष्टि का इंतजार है।