Jharkhand News: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान कार्य को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए एक नया आदेश जारी किया है. इस आदेश के तहत अब राज्य में जांच का काम कर रहे सभी पुलिस अधिकारियों को स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा. यह निर्णय डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर लिया गया है, जिससे पुलिस जांच की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सके.
पहले जारी किए गए आदेश में स्मार्टफोन देने के लिए कुछ शर्तें तय की गई थीं. उस व्यवस्था के अनुसार केवल उन्हीं अधिकारियों को स्मार्टफोन मिलना था जिनकी सेवा संपुष्ट हो चुकी हो और जिनकी सेवा में कम से कम चार वर्ष का समय बाकी हो. साथ ही यह भी शर्त थी कि अधिकारी पिछले दो वर्षों से लगातार अनुसंधान कार्य में लगे हों. इन शर्तों के कारण कई जिलों से शिकायतें सामने आई थीं कि बड़ी संख्या में अनुसंधानकर्ता इस सुविधा से वंचित रह जा रहे हैं.
नई व्यवस्था लागू
इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने नियमों में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है. अब राज्य में वर्तमान में अनुसंधान कार्य कर रहे सभी पुलिस अधिकारियों को स्मार्टफोन दिया जाएगा.
नए आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों की सेवा अवधि छह महीने से कम बची है, उन्हें यह सुविधा नहीं दी जाएगी. इसके अलावा यदि कोई अधिकारी नौकरी से इस्तीफा देता है, सेवानिवृत्त हो जाता है या उसे सेवा से बर्खास्त किया जाता है, तो उसे दिया गया स्मार्टफोन विभाग को वापस करना होगा.
हालांकि यदि कोई अधिकारी उस स्मार्टफोन को अपने पास रखना चाहता है तो उसकी निर्धारित कीमत का भुगतान कर उसे अपने नाम पर हस्तांतरित करवा सकता है.
पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 17 मार्च 2025 को जारी पुराने आदेश में जो शर्तें थीं, उन्हें इस नई सीमा तक संशोधित माना जाएगा, जबकि बाकी सभी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे.