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  • 2026-03-07

Jharkhand News: झारखंड में 32 हजार एकड़ वन भूमि पर अवैध कब्जा, सरकार ने अतिक्रमण हटाने के लिए बनाई बड़ी कार्ययोजना

Jharkhand News: झारखंड में वन भूमि पर बढ़ते अवैध कब्जे को लेकर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है. विभाग ने आधिकारिक तौर पर माना है कि राज्य की करीब 32 हजार एकड़ वन भूमि पर फिलहाल अवैध अतिक्रमण किया गया है. इस बहुमूल्य जमीन को वापस लेने और भविष्य में इसे सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है.


डिजिटल लैंडबैंक तैयार करने की योजना

जानकारी के अनुसार, विभाग सबसे पहले अपने पुराने सरकारी अभिलेखों की विस्तार से समीक्षा करेगा. इसके साथ ही वन भूमि का सटीक रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटल लैंडबैंक तैयार करने की योजना बनाई जा रही है. इस लैंडबैंक में वन विभाग की जमीन का पूरा डाटा दर्ज होगा ताकि भविष्य में जमीन के अवैध हस्तांतरण या कब्जे को रोका जा सके. Bविभाग की योजना है कि इस भूमि का उपयोग बड़े स्तर पर पौधरोपण और आवश्यक संरचनात्मक विकास के लिए किया जाए. अगले 10 वर्षों की कार्ययोजना में इसे एक महत्वपूर्ण लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है.

वन विभाग को हाल के दिनों में यह भी शिकायतें मिली हैं कि कई जगहों पर जंगलों की कटाई कर खेती की जा रही है, वहीं नेशनल हाईवे के किनारे कई लग्जरी रिसॉर्ट्स और दुकानों द्वारा भी वन भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है. विभाग ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले 
राज्य के कई जिलों में वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले सामने आए हैं. रांची के पूर्वी वन प्रभाग में 2135.014 हेक्टेयर और वन्यजीव प्रभाग में 56.007 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा दर्ज किया गया है. खूंटी वन प्रभाग में 4596.044 हेक्टेयर, गुमला में 30.018 हेक्टेयर, सिमडेगा में 46.079 हेक्टेयर, रामगढ़ में 193.853 हेक्टेयर, बोकारो में 285 हेक्टेयर और धनबाद में 893.084 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है.

इसके अलावा लातेहार में 334.399 हेक्टेयर, चतरा के उत्तरी वन प्रभाग में 549.553 हेक्टेयर और दक्षिणी वन प्रभाग में 1207.007 हेक्टेयर, हजारीबाग के वन्यजीव क्षेत्र में 5.007 हेक्टेयर, पूर्वी वन प्रमंडल में 90.231 हेक्टेयर और पश्चिमी वन प्रमंडल में 450.90 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा दर्ज है.

सारंडा वन प्रमंडल में 5827 हेक्टेयर, लोहरदगा में 137.068 हेक्टेयर, दुमका में 76.070 हेक्टेयर, जामताड़ा में 76 हेक्टेयर, जबकि पोड़ैयाहाट क्षेत्र में सबसे अधिक 25206.004 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण दर्ज किया गया है.

इसके अलावा चाईबासा के दक्षिणी वन प्रमंडल में 588.042 हेक्टेयर, धालभूम वन प्रमंडल में 75.559 हेक्टेयर, कोडरमा में 1356.25 हेक्टेयर, गढ़वा के उत्तरी वन प्रभाग में 85.033 हेक्टेयर और दक्षिणी वन प्रभाग में 126.088 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जे के मामले सामने आए हैं.

वन विभाग के अनुसार टाइगर परियोजना क्षेत्र के बफर जोन में 0.693 हेक्टेयर और कोर क्षेत्र में 1.006 हेक्टेयर भूमि पर भी अतिक्रमण पाया गया है. वहीं गोड्डा में 8.177 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है.

वन विभाग अब इन सभी क्षेत्रों में अतिक्रमण की पहचान कर कानूनी कार्रवाई और जमीन को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है. विभाग का कहना है कि वन भूमि की सुरक्षा और जंगलों के संरक्षण के लिए यह अभियान आने वाले समय में और तेज किया जाएगा.

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