Ranchi: रांची के कांटाटोली स्थित एस्टेट प्लाजा में शुक्रवार को अत्याधुनिक आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। नए केंद्र की शुरुआत को रांची और आसपास के इलाकों में आधार सेवाओं को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं से लैस केंद्र
नए आधार सेवा केंद्र को आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। यहां आधार नामांकन और अपडेट से जुड़ी सेवाएं तेज, पारदर्शी और लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य लोगों को आधार से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर और व्यवस्थित सेवा प्रदान करना है।
झारखंड के अन्य जिलों में भी खुलेंगे ऐसे केंद्र
अभी तक झारखंड में यूआईडीएआई के आधार सेवा केंद्र केवल रांची, धनबाद और पूर्वी सिंहभूम जिलों में ही मौजूद थे। अब सरकार की योजना है कि चरणबद्ध तरीके से बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, दुमका, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, गढ़वा और पलामू सहित कई अन्य जिलों में भी ऐसे आधुनिक आधार सेवा केंद्र खोले जाएं।
बच्चों के आधार अपडेट पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान संजय सेठ ने आधार प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए यूआईडीएआई के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के आधार में 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट जरूर करवाएं। इससे बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी और जहां जरूरत हो वहां NEET और CUET जैसी परीक्षाओं के पंजीकरण में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
इस केंद्र में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकें। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली माताओं की सुविधा के लिए फीडिंग रूम भी बनाया गया है।
आधार सेवाओं की प्रक्रिया होगी और तेज
इस उन्नत केंद्र के शुरू होने से रांची और आसपास के इलाकों के लोगों को आधार से जुड़ी सेवाएं अधिक आसानी से मिल सकेंगी। इससे आधार अपडेट की प्रक्रिया तेज होगी, तकनीकी त्रुटियों की संभावना कम होगी और सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। साथ ही यहां जन्म पंजीकरण संख्या (BRN) के आधार पर बच्चों के आधार नामांकन की सुविधा भी शुरू की जाएगी।